भाषा किसे कहते है | भाषा के कितने भेद होते है?

हिंदी व्याकरण के एक महत्वपूर्ण विषय है भाषा। अगर आप नौंवी या दसवीं कक्षा के छात्र हो तो आपके भाषा के बारे में जरूर पता होना चाहिए। इसलिए हमने भाषा के ऊपर एक छोटी सी आर्टिकल लिखी है जिसे पढ़कर आप भाषा के बारे में अच्छे से समझ भी जाओगे और notes बनाकर परीक्षा के प्रश्न को भी सुलझा पाओगे। आज इस पोस्ट में हम जानेंगे bhasha kise kahte hai, bhasha kitne prakar ke hote और भी कोई सारे उदाहरण से भाषा को अच्छी तरह से समझेंगे।

  • इसे भी पड़े – संधि (सम्पूर्ण ज्ञान)
bhasha kise kahte hai

भाषा:

राहुल और रमेश एक दूसरे को प्यार करते है।वे आपस में परम मित्र है।वे दोनों प्रेम से बात कर रहे है। 

राहुल : रमेश, तुमने ताजमहल देखा है?

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रमेश : हाँ राहुल, मैने ताजमहल देखा है। 

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राहुल : तो बताओ ताजमहल कहाँ स्तित है?

रमेश : ताजमहल आग्रा में स्थित है।

राहुल : मुझे भी ताजमहल देखने की इच्छा है।

रमेश: ठीक है इस बार गर्मी के छुट्टी में हम दोनों साथ ताज महल देखने जाएँगे।

ऊपर राहुल और रमेश अपनी मन की भाव एक दूसरे से कह रहे है। इसी प्रकार भाव प्रकट करने के लिए प्रत्येक मनुष्य को भाषा की आवश्यक पड़ते है, क्योंकि वह समज मे रहते है। यदि भाषा न होती तो मनुष्य गूंगा होते।

भाषा किसे कहते है 

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जिस साधन के द्वारा मनुष्य अपने भावों और विचारों को लिखकर या बोलकर या संकेतों के द्वारा प्रकट करते है उसे भाषा कहते है।

भाषा का अर्थ

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भाषा शब्द संस्कृत की भाष धातु से बना है जिसका अर्थ हे- बोलना या कहना । अर्थात भाषा वह है जिसे बोला जाए।

अपने भावो या विचारों को व्यक्त करने का माध्यम भाषा है।

भाषा की परिभाषा

पाश्यत्य विद्वानों के अनुसार:

  • प्लेटो के अनुसार: विचार जब ध्वन्यात्मक होकोर होठो पर प्रकट होते है उसे भाषा कहते है।
  • स्वीव के अनुसार: ध्वन्यात्मक शब्द द्वारा विचारों को प्रकट करना ही भाषा है।
  • कांता प्रसाद गुरु के अनुसार: भाषा वह साधन है जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचार दुसरो पर भली-भांति प्रकट कर सकता है।
  • डॉ भोलानाथ तिवारी के अनुसार: भाषा उच्चारण अव्यवो से उच्चारित यद्च्चिक ध्वनी प्रतिको की वह व्यवस्ता है, जिसके द्वारा समाज विशेष के लोग आपस में विचारों का आदान-प्रदान करते है।

भाषा के प्रकार- Bhasha kitne prakar ke hote he

भाषा तीन प्रकार के होते है 

  • उच्चरित भाषा: मुख से बोलकर अपने विचार प्रकट करने की भाषा ही उच्चरित भाषा। जैसे- ऊपर राहुल और रमेश अपने विचार प्रकट कर रहे है।
  • लिखित भाषा: जब हम अपने विचारों को कलम और कागज के माध्यम से यानि लिखकर प्रकट करते है तो उसे हम लिखित भाषा कहते है। जैसे पत्र या चिट्ठी द्वारा। 
  • सांकेतिक भाषा: जब हम संकेतों के द्वारा अपने विचार प्रकट करते है, तो उसे सांकेतिक भाषा कहते है। जैसे- हाथ हिला कर बुलाना, उंगली दिखाकर डाँटना, रेलगाड़ी रोकने या छोड़ने के समय हारी या लाल झंडी दिखाना। 

इन सभी कार्य में हमारे दैनिक जीवन के लिए उच्चरित व लिखित भाषा का विशेष महत्व है। व्यावहारिक जीवन में उच्चरित तथा लिखित भाषा को ही भाषा के रूप में स्वीकार किया जाता है।

भाषा और व्याकरण 

महिमा खेलता है।महिमा खेलती है। 
मुखेश दिल्ली पर रहा है।मुखेश दिल्ली पर रहता है।
आन्ध्र प्रदेश भारत की राज्य है।आन्ध्र प्रदेश भारत का राज्य है।
रीना बहुत प्यारा है ।रीना बहुत प्यारी है ।

ऊपर लिखी गयी बायीं ओर की वाक्य शुद्ध नही है। पर दायीं ओर की तीनों वाक्य शुद्ध है। भाषा के शुद्धता और अशुद्धता का ज्ञान हमे व्याकरण से होते है। व्याकरण एक ऐसे विद्या है, जिसके द्वारा हम भाषा को उसके शुद्ध रूप में लिख या बोल सकते है।

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भाषा के विभिन्न रूप

  • मातृभाषा: भाषा का वह रूप जिसे बच्चा सबसे पहले अपने परिवार/समाज के साथ रहकर सीखता है, उसे मातृभाषा कहते है।
  • राजभाषा:राजभाषा वह है जो राज्य के सरकारी कार्य में प्रोयोग की जाती है। 14 सितंबर 1949 को स्वतंत्र भारत के संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा घोषित किया था। हिंदी भारत की राजभाषा व देवनागरी लिपि है।
  • राष्ट्रभाषा: देश के अधिक लोगो द्वारा बोले जाने या समझे जाने वाले भाषा को राष्ट्रभाषा कहा जाता हैहिंदी भारत में सबसे अधिक बोली व समझे जानेवाली भाषा है। हिंदी भारत के शिक्षा प्रशासन एवं जनसंचार के माध्यम है, इसीलिए हिंदी राष्ट्रभाषा भी माना जाता है।
  • द्वतीय भाषा: असम में लोग बात चित के लिए असमिया भाषा का प्रोयोग करते है । एइसे में असम के प्राथमिक भाषा है असमिया एयर हिंदी को द्वतीय भाषा के रूप में यूज़ किया जाता है द्वतीय भाषा का मतलब है दूसरा भाषा जो प्राथमिक भाषा के बाद प्रयोग किया जाता है।
  • संपर्क भाषा: बात-चित करने के रूप में जिस भाषा का उपयोग होते है उसे संपर्क भाषा भाषा कहता है । जैसे एक जापानी और एक भारतीय आपस में बात चित करने के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रोयोग करते है, तो एइसे में संपर्क भाषा अंग्रेजी हुआ।
  • मानक भाषा: मानक भाषा किसी भाषा की वह भाषा प्रयुक्ति या भाषिका होती है जो किसी समुदाय, राज्य या राष्ट्र में सम्पर्क भाषा का दर्जा रखे और लोक-संवाद में प्रयोग हो । साहित्य, शिक्षा, दूरदर्शन अकश्बानी पत्र-पत्रिका में मानक भाषा के रूप में हिंदी भाषा प्रोयोग किया जाता है।

बोली और भाषा में अंतर

किसी भी क्षेत्र या स्थान पर बोली जाने वाले मौखिक भाषा को बोली कहते है । बोली के प्रयोग केवल बोलचाल में ही किया जाता है।

भाषा बोली
भाषा का क्षेत्र व्यापक होता।बोली का क्षेत्र सिमित होता है ।
एक भाषा में कोई बोलिया होता है।बोली अकेला हुआ करते है।
विश्व साहित्य में भाषा का महत्वपूर्ण स्थान होता है, क्युकी भाषा में साहित्य सृजन होता है बोली का विश्व साहित्य में कोई महत्वपूर्ण स्थान नहीं होता । इससे साहित्य श्रीजान भी नहीं होता
भाषा को सामाजिक,राजनैतिक, व्यापारिक, आदि मान्यता पाप्त होती है। जैसे खड़ी बोली हिंदी के एक भाषा है बोली को मात्र सामाजिक क्षेत्रीय मान्यता पाप्त होती है. जैसे अंगिका के बोली है

लिपि क्या है?

भाषा को लिखने का ढंग को लिपि कहा जाता है ।

भाषा लिपि
पंजाबी गुरुमुखी
हिंदी देवनागरी
संस्कृत देवनागरी
गुजरती देवनागरी
मराठी देवनागरी
अंग्रेजी रोमन
उर्दू फार्सी

भाषा के प्रमुख कार्य क्या है?

1.सामाजिक समंध के लिए:भाषा के माध्यम से ही कोई व्यक्ति समाज के साथ आपसी ताल-मेल विकसित कर पाते है। मनुष्य भाषा के जड़िये आपने विचारो को अभिव्यक्त कर समाज में आपने भूमिका निर्धारित करता है।

2.भाषा मानव विकास का मूल आधार है:भाषा कि शक्ति के माध्यम से ही मनुष्य प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ है। भाषा के अभाव मनुष्य विचार एवं विकास नहीं कर सकता।

3.व्यक्ति के निर्माण में सहायक:भाषा व्यक्तित्वा के विकास में सहायक है। व्यक्ति अपने आतंरिक भावो को भाषा के माध्यम से अभिव्यक्त करता है।

4. ज्ञान पाप्ति का प्रमुख साधन है : भाषा के माध्यम से ही पुराने पीड़ी को सामाजिक विकास के रूप में अब तक ला समस्त संक्ष्पित ज्ञान भावी पीड़ी को सौप दोय है।

5. शैक्षिक उपलब्धि के लिए अवश्यक: यदि बालक अपने विचारो भाषा के जड़िये अभिव्यक्त करने में सक्षम नहीं होता, तो इसका अर्थ है उसका शैक्षिक उपलब्धि पयाप्त नहीं है।

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निष्कर्ष

उपरोक्त परिभाषाओ के आधार पर कहा जा सकता है कि भाषा विचार विनिमय का साधन है। साथ ही कोई व्यक्ति चाहता है तो भाषा के से अपने विचारों तथा अनुभव को लेख कविता पुस्तक आदि में व्यक्त भी कर सकता है।

उम्मीद है दोस्तों bhasha kise kahte hai आप समझ पाए होंगे। अगर आपको लगता है की भाषा के परिभाषा हमने आपको अच्छे से समझा पाया हूँ तो कमेंट करके जरुर । निचे दिए सोशल आइकॉन के माध्यम से पोस्ट को जरुर अपने दोस्तों के साथ शेयर करे। धन्यवाद ।।

यह भी पद:

भाषा विषय के ऊपर सवाल और जबाब

भाषा किसे कहते है?

अपने मन के विचार लिखकर या बोलकर प्रकट करने को ही भाषा कहते है।

भाषा कितने प्रकार के होते है?

भाषा तिन प्रकार के होते है- उच्चारित भाषा, लिखित भाषा और सांकेतिक भाषा

भाषा किस शब्द से बना है?

भाषा शब्द संस्कृत की भाष धातु से बना है

क्या गूंगा लोग भी अपने विचार प्रकट करने के लिए भाषा के उपयोग करते है?

भाषा का मतलब ही होते है अपने विचारों को दुसरो तक पहुचना। गूंगा मनुष्य भी इशारों से या संकेतो से अपने विचारों को दुसरो तक पहुचाता है अत: वे सांकेतिक भाषा के प्रयोग करते है।

भाषा और वव्याकरण में क्या संबंध है?

भाषा के शुद्धता और अशुद्धता का ज्ञान हमे व्याकरण से होते है

विश्व में कुल कितनी भाषाएं मान्यता प्राप्त है?

विश्व में कुल 22 भाषाएं मान्यता प्राप्त है

हिंदी का विश्व में कौन सा स्थान है?

विश्व के प्रमुख 11 भाषा में हिंदी भाषा को भी गिने जाते है

हिंदी भाषा के लिपि कौनसी है?

हिंदी भाषा के लिपि देवनागरी है

भारत में कुल कितने भाषाए बोली जाते है?

भारत में कुल 10000 से भी ज्यादा भाषाए बोली जाते है

भारत में सबसे प्राचीन भाषा कौनसी है?

भारत में सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत है

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