पर्यावरण दिवस पर निबंध 2021 | Environment day essay in hindi

Environment day essay in hindi

विश्व पर्यावरण दिवस निबंध: विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति मानव जाति को जागरूक करवाना है। विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का मकसद पूरी पृथ्वी एवं प्रकृति की रक्षा करना है। यह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा चलाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पूरे विश्व भर में कई प्रकार के आयोजन होते हैं । विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहन करना है। इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, ऑफिस आदि में पेड़ पौधे लगाए जाते हैं। हम कोई भी काम करते हैं तो उसका सीधा असर हमारे पर्यावरण पर पड़ता है। पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है परी और आवरण। परी का अर्थ होता है हमारे चारों और एवं आवरण का अर्थ होता है हमें चारों ओर से घेरे हुए। मानव एवं पर्यावरण एक दूसरे पर पूर्ण रूप से निर्भर है। पृथ्वी पर स्वच्छ पर्यावरण का अभाव होने पर हमारा जीवन संभव नहीं हो सकता।

विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के द्वारा ही विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन किया जाता हैं। इसका मुख्यालय केन्या तथा नैरोबी में स्थित है । हमारे आसपास के सभी चीजें जैसे हवा, पानी, जीव, जंतु इत्यादि से मिलकर हमारा पर्यावरण बना है। विश्व पर्यावरण दिवस लगभग 100 से भी अधिक देशों में मनाया जाता है। बता दें कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया जाता है। इसकी घोषणा एवं स्थापना 1972 ईस्वी में संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा की गई थी, पर इस कार्यक्रम को हर साल मनाने की शुरुआत 1973 में हुई थी। विश्व पर्यावरण दिवस का 2016 में थीम “जीवन के लिए वन्यजीवन में गैरकानूनी व्यापार के खिलाफ संघर्ष” था । इस थीम की मेजबानी अंगोला देश के द्वारा हुई थी ।

विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य

विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना मुख्य रूप से इस ग्रह से सभी तरह के पर्यावरण संबंधित मुद्दों को एवं पर्यावरण को दूषित करने वाले सभी कारकों को हटाने के लिए तथा इस पृथ्वी को वास्तव में सुंदर बनाने के लिए विभिन्न तरह के उद्देश्य योजनाओं के साथ किया गया है। इस दूषित पर्यावरण के मुद्दों पर लोगों को एक चेहरा प्रदान करने तथा इन पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पर्यावरण दिवस जैसे इस विशेष कार्यक्रम की स्थापना करना काफी आवश्यक था। इस समारोह के द्वारा स्वस्थ वातावरण के महत्व को समझाने स्वस्थ जीवन के लिए विश्व में पर्यावरण संबंधित अनुकूल विकास को निर्धारित करने के लिए लोगों को एक सक्रिय प्रतिनिधि के रूप में प्रेरित करने का प्रयास किया गया। यह समारोह लोगों के जीवन में एक सामान्य सूझ के रूप में यह बात फैलाने की कोशिश करता है कि लोगों को अधिक समृद्धशाली तथा सुरक्षित भविष्य की उपलब्धता के लिए तथा सभी राष्ट्रों की उपलब्धता के लिए पर्यावरण संबंधित मुद्दों के प्रति अपने व्यवहार में बदलाव करने की आवश्यकता है।

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विश्व पर्यावरण दिवस से प्रदूषण का रोकथाम

हालांकि हमें पर्यावरण पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है और इसके लिए कोई विशेष दिन निश्चित नहीं की जा सकती है लेकिन विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अथवा इसके उपलक्ष्य में प्रकृति के प्रति ध्यान देने के लिए मानव जाति को विशेष रूप से अवगत करवाया जाता है।
विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का सबसे मुख्य उद्देश्य है प्रकृति के प्रति लोगों को जागृत करना एवं प्रदूषण को काफी हद तक रोक पाना। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इसे मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण के दिवस के अंतर्गत प्रकृति को सहेज कर रखने एवं हमारे भविष्य तक ले जाने के लिए किए जाने वाले उपायों से भी अवगत करवाया जाता है। इसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण कदम होते हैं, जिससे प्रदूषण का रोकथाम किया जा सकता है। पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए हमें जगह जगह पर पेड़ लगाने होंगे। जल प्रदूषण एवं वायु प्रदूषण जैसे कई अन्य प्रदूषण को होने से रोकना होगा।

पर्यावरण हमें जीने के लिए शुद्ध जल, शुद्ध वायु एवं शुद्ध भोजन उपलब्ध करवाता है। अगर हमें इस पर्यावरण को सुरक्षित रखना है तो हमारे आस-पास के पेड़ -पौधों को काटने से रोकना होगा । इसके लिए हमे उस आदमी को रोकना चाहिए जो इन पेड़ों को काट रहा है । पेड़ ना काटने के लिए कई तरह के आंदोलन चलाए गए हैं। जिसमें से शामिल है चिपको आंदोलन एवं दूसरा है जंगल बचाओ आंदोलन। आज के समय में हम टेक्नोलॉजी के माध्यम से इतना आगे बढ़ गए हैं कि हम पर्यावरण पर कुछ ध्यान ही नहीं दे पा रहे हैं इसलिए हम सभी को पर्यावरण पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।

पूरे विश्व में जीव सृष्टि को जीवित रहने के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है। यही एक धरती की ऐसी देन है जो इस संसार को टिकाऊ बना सकता है । पर्यावरण के बिना पेड़ पौधे नहीं रहेंगे और जब पेड़ पौधे ही नहीं रहेंगे तब उनसे फल सब्जियां एवं कई खाने की चीजें नहीं मिलेगी जिसकी वजह से इंसान जीवित नहीं रह सकते। पर्यावरण के वजह से ही वातावरण ठंडा रहता है और इसी के वजह से बारिश होती है जिसकी वजह से हमें पानी मिलता है। इसलिए हमें पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए अगर हम पर्यावरण का ध्यान नहीं रखेंगे तो हमें पानी की भी कई तरह की परेशानी हो सकते है।

हमारे पर्यावरण को ग्लोबल वार्मिंग की वजह से भी नुकसान हो रहा है। ग्लोबल वार्मिंग ही हमारे पर्यावरण को नुकसान करने का सबसे मूल कारण है। इसके लिए हम इंसान ही जिम्मेदार हैं क्योंकि हम लोगों ने ही इस पूरे दुनिया में न जाने कितने सारे प्रदूषण वाले चीज फैला कर रखे हैं जिससे प्रदूषण और भी ज्यादा बढ़ रहे हैं। विश्व पर्यावरण दिवस के दिन हमें सभी लोगों को इसके बारे में समझाना चाहिए और उन्हें प्रेरित करना चाहिए कि उन्हें पेड़ पौधे लगाने चाहिए।

बेंगलुरु तथा चेन्नई में पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचे तथा ग्लोबल वार्मिंग पर प्रतिबंध लगाया गया। इसके अलावा 2009 में एक प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए कला प्रतियोगिता के साथ साथ विद्यार्थियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया गया। इसके साथ ही वहां वर्षा के पानी का संरक्षण, ऊर्जा के स्रोतों का पुनः उपयोग एवं वन्य जीवन संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ने पर वाद विवाद की प्रतियोगिता तथा जैव अपशिष्ट आदि के माध्यम से एक पर्यावरण मेले का आयोजन किया गया था।

पर्यावरण द्वारा वायुमंडल का बचाव

हमारे वायुमंडल में ओजोन परत होती है जिसमें ओजोन गैस की उपस्थिति होती है। यह सूर्य की पराबैंगनी किरणों को ग्रहण कर लेती है और पृथ्वी तक आने से रोकती है। यही कारण है कि पर्यावरण हमारे वायुमंडल की रक्षा कर हमारे जीवन को बचाती है।

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए उठाए जाने वाले कदम

पर्यावरण की सुरक्षा केवल बड़े स्तर पर ही की जाए यह जरूरी नहीं है बल्कि हम पर्यावरण की सुरक्षा अपने घर पर ही कर सकते हैं। इसके लिए हम निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं –

  • हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए हमें कम से कम मात्रा में प्लास्टिक का यूज़ करना चाहिए।
  • कई लोग उस प्लास्टिक को डस्टबिन में ना फेंककर इधर-उधर रास्ते पर फेंक देते हैं जिससे हमारा पर्यावरण बहुत ही ज्यादा दूषित होता है। अगर किसी सामान को हम प्लास्टिक में लाते हैं तो उस प्लास्टिक को डस्टबिन में फेंकना चाहिए।
  • अपने दोस्त को पौधे भेंट में देने चाहिए और कहना चाहिए कि उस पौधे को अपने बगीचे मे लगाए। यह काम करने से हमारा पर्यावरण और भी ज्यादा स्वच्छ होगा।
  • अगर हमें पर्यावरण को स्वच्छ करना है तो हमें जरूरत ना पड़ने पर पंखे, लाइट एवं बिजली से चलने वाली हर चीज को बंद कर देना चाहिए।
  • अगर आप किसी भी इंसान को कुछ काम करते हुए देख रहे हैं एवं उसके उस काम से अगर पर्यावरण को नुकसान हो रहा है तो उसे तुरंत रोके और उसे समझाएं कि वह यह काम दोबारा ना करें।

पर्यावरण की सुरक्षा

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।वन जीव एवं वर्षा वन की रक्षा करें। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हमें पानी की बचत करनी चाहिए।सड़कों पर साफ सफाई करवाने से पर्यावरण दूषित नहीं होगा। मोटर गाड़ी से निकलने वाले धुआँ पर्यावरण को दूषित करते हैं इसलिए हमें मोटर गाड़ी जैसे अन्य पर्यावरण को दूषित करने वाले वाहनों को कम करना होगा। किचन के सामान के साथ बार-बार पेपर नैपकिन ना खरीदे। अगर किचन सामान में हम पेपर नैपकिन ना खरीदें तो हमारे पर्यावरण को बहुत ज्यादा फायदा होगा। गाड़ी को धोते समय पानी डालने के लिए पाइप का इस्तेमाल के बजाय बाल्टी में पानी रखें और उसका इस्तेमाल करें। इससे पानी का नुकसान नहीं होगा और हमारा पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। कारखानों से निकलने वाले धुए , बड़े-बड़े गाड़ियों से निकलने वाले धुए इत्यादि ये सब चीजें हमारे पर्यावरण को दूषित करते हैं।

पर्यावरण सामान्य रूप से हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी तरह के जैविक अजैविक तत्व, तथ्यों ,घटनाओं तथा प्रक्रियाओं से मिलकर बनी एक इकाई है। यह इकाई हमारे चारों तरफ व्याप्त रहती हैं तथा हमारे जीवन में घटित सभी घटना इसी पर आधारित रहती हैं। मनुष्य अपनी दिनचर्या में जो क्रियाएं करता है वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण को ही प्रभावित करती है। यही कारण है कि पर्यावरण और जीव के बीच के संबंध को अन्योन्याश्रि‍त कहा गया है।

मानव के हस्तक्षेप के द्वारा पर्यावरण को हम दो भागों में बांट सकते हैं जिसमें पहला है नैसर्गिक पर्यावरण या प्राकृतिक पर्यावरण एवं दूसरा मानव निर्मित पर्यावरण। मानव हस्तक्षेप की मात्रा की न्यूनता एवं अधिकता के कारण यह विभाजन दशाओं तथा प्राकृतिक प्रक्रियाओं के अनुसार हुआ है।

उपसंहार (विश्व पर्यावरण दिवस निबंध)

आज वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूक होना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। पर्यावरण दिवस पर्यावरण के प्रति संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक स्तर पर सामाजिक तथा राजनीतिक जागृति को लाने के लिए मनाया जाता है। पर्यावरण की समस्याओं जैसे जलवायु परिवर्तन प्रदूषण आदि मनुष्य को अपने जीवन शैली के बारे में सोचने के लिए प्रेरित कर रही हैं एवं अब के समय में पर्यावरण प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता काफी महत्वपूर्ण हो गई है। आज इस माहौल में यह सबसे आवश्यक हो गया है कि हम सबसे ज्यादा पर्यावरण संकट के मुद्दे को सुधी पाठकों तथा आम जनता को जागरूक करने पर पूरा पूरा ध्यान दें।

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया जाता है.

विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन किसके द्वारा किया जाता है?

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के द्वारा ही विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन किया जाता हैं

यूएनईपी का मुख्यालय कहा स्थित है?

यूएनईपी का मुख्यालय केन्या तथा नैरोबी में स्थित है

इस कार्यक्रम के शुरुवात कब हुई थी?

इस कार्यक्रम के शुरुवात साल 1973 में हुई थी.

विश्व पर्यावरण दिवस 2021 थीम

2021 के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली(Ecosystem Restoration)‘ है, जिसमें क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए पारिस्थितिक तंत्र की वसूली में योगदान, महत्वपूर्ण समय से गुजर रहे पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण जैसी चीजें शामिल हैं।

पारिस्थितिकी तंत्र को कई तरह से बहाल किया जा सकता है। पेड़ लगाना पर्यावरण की देखभाल के सबसे आसान और सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।

लोगों को पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को भी खत्म करने की जरूरत है। कुल मिलाकर, पारिस्थितिक तंत्र को बहाल करने के लिए शहरी और ग्रामीण परिदृश्यों में अलग-अलग दृष्टिकोण हैं।

8 thoughts on “पर्यावरण दिवस पर निबंध 2021 | Environment day essay in hindi”

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