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GDP क्या है और यह जानना क्यों जरुरी है, GDP Meaning in Hindi?

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आपमें से हर शख्स ने कभी न कभी GDP शब्द को जरूर सुना होगा । अक्शर सुनने को मिलते है कि चीन के GDP भारत के तुलना में 5% ज्यादा है , पाकिस्तान 12% GDP में घाटा हुआ है । ओर तो ओर आजके समय में यह काफी सुनने को मिलते है lockdown के वजह से भारत के GDP में 23% घटा हुआ है ।

ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा , आखिर यह GDP क्या है , GDP कैसे निकाले जाते है । अगर GDP के बारे में आप नही जानते हो और जानने में इछुक हो तो यह पोस्ट अंतिम तक जरूर पड़े । 

एक भारतीय नागरिक होने के नाते GDP के बारे में जानना बहुत जरूरी है । आजके इस पोस्ट में GDP क्या है , GDP कैसे निकाले जाते है यानी कि जीडीपी के रिलेटेड जितने भी doubts है सब क्लियर करने वाला हूँ ।

जीडीपी क्या है – What is GDP in hindi?

जीडीपी यानी ग्रोस डोमेस्टिक प्रोडक्ट(GROSS DOMESTIC PRODUCT) किसी देश की अर्थव्यवस्था को पदर्शित करते है । देश की अर्थव्यवस्था में क्या गिरावट आयी है , इस साल किन सेक्टरों से देश को कितने मुनाफा हुई है यह सब जीडीपी से पता लगया जाता है । 

जीडीपी की defination अगर सरल भाषा में कहें तो देश के सिमा के भीतर रहकर किसी निर्धारित समय के अंदर उत्पादित सामग्री और सर्विसेज के कुल मूल्य युग ही जीडीपी होते है । चलिए इसे एक उदाहरण से ओर भी अच्छी तरह से समझते है । 

मान लीजिए पिछले साल उत्पादित सामग्री के मूल्य 1.20 लाख और सर्विसेज 80 हज़र के रहा । ऐसे में एक साल के कूल मूल्य युग हुआ 2 लाख  । इसके अगले साल उन्ही प्रोडक्ट और सर्विसेज की कुल मूल्य युग 2 लाख 20 हज़र हुआ । अगर इसके गणना किया जाए तो पिछले साल के तुलना में देश को 20 हज़र के मुनाफा हुआ । ऐसे में इसको 5% GDP growth बताया जाएगा ।

रिसर्च और रेटिंग फॉर्म केयर अर्थशास्त्र सुशांत हेगड़े का कहना है जीडीपी परीक्षा की मार्कशीट्स की तरह होते है । जिस तरह मार्कशीट के जड़िये छात्र की साल भर की पदर्शन को पता चलता है , पढ़ाई में कितने ग्रोथ हुआ है ये पता लगाया जाता है । जीडीपी के जड़िये भी देश की अर्थव्यवस्था के गतिविधियों को पता लगता जाता है ।

किन सेक्टरों में गिरावट आयी या सुधार के जरूरत है ये सब जीडीपी गणना से पता लगया जाता है ।

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GDP full form in Hindi

जीडीओ क्या है ये तो समझ ही गए होंगे , अब बात करते GDP ka full form के बारे में । जीडीपी के पूरा नाम  है  ग्रॉस डेमोस्ट्रिक प्रोडक्ट जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नापे जाते है । जीडीपी के हिंदी अर्थ होते है सकल घरेलू उत्पाद

जीडीपी कैसे बनती है?

जीडीपी की गणना 2 समय अवधि में किया जाता है । पहला होता है वार्षिक , जहाँ पर वर्तमान साल को पिछले साल से compare करता है । दूसरे  होते है त्रिमासिक , जहाँ पर पिछले साल की तीन महीने को वर्तमान साल के तीन महीने से तुलना किया जाता है । जैसी के 2019 के अप्रैल मई जून से 2020 के अप्रैल मई जून  को compare किया जाएगा ।

हाल ही में अपने सुना होगा भारत के जीडीपी में -23% की घिरावट आयी है । यानी कि इसके तुलना 2019 के तीन महीने के जीडीपी से कैलकुलेशन(Calculation) करके निकाला गया है । 

अब सवाल आता है , आखिर क्यों भारत के जीडीपी में घिरावट दिखाई दी ? इसके मुख्य कारण है लॉकडाउन । लॉकडाउन के कारण बहुत कंपनी कारखाना बंद गए जिससे प्रोडक्शन(Production) में घिरावट आई और जीडीपी में भी घिरावट दिखाई दी ।

विशेषयुग्ग का कहना है कि भारत के इस जीडीपी को सुधार ने में काफी वक्त लग सकता है । जीडीपी में सुधार लाने में सरकार द्वारा अहम भूमिका निभाते है । जीडीपी में सुधार लाने के production को ज्यादा करना पड़ता है और इसके ललिए कोई तरह के स्कीम loan कंपनियों को लोगों तक प्रोवाइड किया जाता है ।

जीडीपी कैसे गिनी जाते है

जीडीपी की गिनना 2 प्रकार से होते है – 

  1. Nominal Gdp
  2. Real Gdp 

Nominal GDP : नॉमिनल जीडीपी में normal कैलकुलेशन से जीडीपी निकाले जाते है । गवर्मेंट हमें इसी कैलकुलेशन के आंकड़े ही दिखाते है ।  नॉमिनल जीडीपी में बहुत simple कैलकुलेशन होते है । यहां पर उत्पादित सामग्री और services के मूल मूल्य युग से जीडीपी निकाले जाते है ।

Nominal जीडीपी में inflation(मंगाई दौर) माइनस नही होते । अब आपके मन मे सवाल आ रहे होगें , यह महेंगायी दौर क्या है | चलिए जानते है इसी को भी ।

जैसे कि आप सबको पता है पैसे के मूल्य दिन ब दिन घटते जाते है । जिस चीज़ को आप 1 साल पहले 100 रुपया से खरीद पाते आज उसके मूल्य 100 से ज्यादा होगा । मूल्य की इसी गतिबिधियों को महेंगायी दौर कहा जाता है ।

अभी के टाइम में भारत के महंगाई दौर 7% है । यानी आज जो आपके पास 100 रुपया है 1 साल बाद उसके वैल्यू 93 रह जाएगा । चलिए इसे भी एक उदाहरण से समझते है । 

मान लिजिये अभी 1 किलो एप्पल के मूल्य 100 रुपया है । यानी आप दुकानदार को 100 रुपया देकर एप्पल ले सकते हो । लेकिन 1 साल बाद एप्पल के दाम 100 रुपया नही रहेगा । 7% महंगाई दौर के हिचाप से यह मूल्य 107 रुपया में चले जाएगा । यही होते है महगाई दौर ।

Nominal gdp में महंगाई दौर को कमाया नही जाता ।

Real GDP : रियल जीडीपी गिनना में मंहगाई दौर को माइनस किया जाता है । उसके गिनना nomilize गिनना से काफी पृथक होते है । Real Gdp ही देश के सठीक आर्थिक व्यवस्था बताते है ।  गवर्मेंट के आंकड़े हमे nomilize gdp को ही दिखाते है । देश के सठीक उन्नति को नापते है रियल जीडीपी से ।

जीडीपी से जुड़ी इतिहास (History of gdp)

पोस्ट को पड़के ये तो समझ ही गए होंगे , किसी भी देश की आर्थिक उन्नति के लिए जीडीपी ग्रोथ कितने जरुरी है ।

अभी आपके मन में यह सवाल आ रहा होंगे , आखिर जीडीपी शब्द कहा से आई होंगे ।

जीडीपी शब्द को 1935-44 के बीच अमेरिका के एक अर्थशास्त्र साइमन द्वारा पहले बार use किया गया था । वो दौर था जब विस्व के बैंकिंग संस्थाये आर्थिक विकाश पर काम संभाल रहे थे , तभी अर्थशास्त्र साइमन ने अमेरिका को जीडीपी से परिचित करवाया । साइमन द्वारा शब्द को इसतेमाल करने के बाद IMP(International Monetary Fund) ने इस शब्द के इस्तेमाल करना शुरू कर दिया ।

आम आदमी के लिए जीडीपी को जानना क्यों जरूरी है 

  • देश के एक नागरिक होने के नाते देश के अव्यवस्था जानना  जरूरी है । 
  • जीडीपी से ही देश की भविष्य सुनिश्चित होता है । यह सरकार और लोगों के बीच फैसला करने की अहम फैक्टर होते है ।
  • जीडीपी बढ़ रहे हो तो इसका मतलब है सरकार देश की आर्थिक गतिविधियों पर काम करे रहे है ।
  • जीडीपी जब नेगेटिव में जाते है इसका मतलब ये होते है सरकार को अपने नीतियों पर ध्यान देने की जरूरत है , किस सेक्टर में घाटे हो रहे इस पर ध्यान देना जरूरी है ।
  • जब देश की जीडीपी नेगेटिव में रहते हो , सरकार कारख़ाना लोगो तक ज्यादा पैसा निवेश करते है ताकि सामग्री के उत्पादन ज्यादा हो , भविष्य में जीडीपी में मुनाफा हो ।
  • अतः इन्ही सब कारणों से जीडीपी के बारे में जानना जरूरी है ।

सरकार सर्विसेज और उत्पादित सामग्री के कुल मूल्य युग कैसे पता लगाते । 

सरकार सर्विसेज और उत्पादित सामग्री के कुल मूल्य टेक्स से पता लगाते है । जिन जिन सेक्टर की सरकार तक टेक्स जाते है , उन्ही सेक्टर के मूल्य युग जीडीपी में गिने जाते है । 

छोटे मोटे buisnes या सर्विसेज की जहाँ सरकार तक टेक्स नही जाता , इनके कुल मूल्य जीडीपी में कैलकुलेशन नही होते है ।

Faq :

Q.जीडीपी का अर्थ क्या?

Ans: जीडीपी यानि ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट किसी भी देश का अर्थ व्यवस्था पता लगाने का एक जडिया होते है ।

Q.जीडीपी बढ़ने से क्या होता है?

Ans: जीडीपी देश के आर्थिक व्यवस्था को दर्शाते है। जीडीपी बढ़ने से देश में विदेशी मुद्रा का आगमन होते है जिससे देश के विकाश गति तेज़ होते है।

Q. जीडीपी कौन जारी करता है?

Ans: भारत का केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की जारी करता है।

GDP meaning in Hindi

आज अपने सिखा जीडीपी क्या है , GDP meaning in hindi , जीडीपी कैसे गिनते है | उम्मीद है दोस्तों जीडीपी को लेकर जितने भी doubts थे आज क्लियर हुआ होगा |

अगर ये पोस्ट आपको पसंद आया तो अपने दोस्तों से जरुर शेयर करे और पोस्ट को लेकर अपना राय कमेंट करके हमे बताये | पोस्ट को अंतिम तक पड़ने के लिए बहुत बहुत धन्यबाद |

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Suraj Debnath

असम के निवासी सूरज देबनाथ इस ब्लॉग के संस्थापक है। इन्होने विज्ञान शाखा में स्नातक किया हुआ है। इन्हें शेयर मार्किट, टेक्नोलॉजी, ब्लोगिंग ,पैसे कमाए जैसे विषयों का काफी अनुभव है और इन विषयों पर आर्टिकल लिखते आये है। Join Him On Instagram- Click Here

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