GST का फुल फॉर्म क्या है ? जाने जीएसटी के बारे में पुरे बाते

चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन हम जब भी सामान खरीदने जाते है तो समान के मूल्य के साथ किसी शुल्क में जीएसटी के मूल्य को भी चुकाते है । अगर आप सामान के पैकेट पर गौर कोरोगी तो उस सामान में कितने प्रतिशत जीएसटी लागू है ये लिखा हुआ देखने को मिलते है। लेकिन क्या आपको पता है जीएसटी क्या है, GST का Full form क्या है। अगर नहीं तो आज इस लेख में हम इसी के ऊपर ही पढ़नेवाले है।

आज इस लेख में हम बात करेंगे जीएसटी क्या है, जीएसटी के फुल फॉर्म, जीएसटी के प्रकार ,जीएसटी के लाभ-हानि और भी जीएसटी से जुड़ी जानकारी। पोस्ट को पढ़ते रहे। 

हमारे भारत देश में कर व्यवस्था राजा महाराजा के दिनों से ही लागू है। गणतंत्र के बाद भी यह सिलसिला जाड़ी है। अवश्य देश के आर्थिक उन्नति के लिए ये जरूरी भी है। भारत पर सामानों के ऊपर कोई तरह के टैक्स लागू था जैसे कि एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, वैट, मनोरंजन कर, लग्जरी कर लेकिन 1 अप्रैल 2017 में सारे टैक्स को हटाकर एक टैक्स लागू कर दिया गया जिसके नाम दिया गया जीएसटी। जीएसटी एक महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर(Indirect Tax) व्यवस्था है जो सामानों के बिक्री पर लागू होते है और जिसके भुगतान consumer करते है।

जीएसटी क्या है-What is GST in Hindi?

जीएसटी का मतलब है goods and services Tax. यह एक तरह के अप्रत्यक्ष कर है जो सामानों और सर्विसेज के ऊपर लागू होते है। इस कर व्यवस्था को 1 अप्रैल 2017 में जाड़ी किया गया। इससे पहले देश में कोई और तरह के कर थे लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद तरह तरह के सामानों पर एक ही जैसा कर लागु कर दिया गया।

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पूर्व में किसी किसी सामानों पर 30 से 35 तो किसी में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा मात्रा में कर लागू होता था लेकिन जीएसटी आने के बाद यह कर अधिकतम 28 प्रतिशत हो गया है जिससे कोई भी अप्रत्यक्ष कर देना नहीं होता। सामानों पर जीएसटी कर वोही लगेगा जहाँ उसे बिकेगा। यह अलग अलग स्तर पर लेनेवाले सर्विस टैक्स, वैट, मनोरंजन कर, लग्जरी कर इत्यादि कर के बदले सिर्फ जीएसटी कर ही लागु है।

GST Full Form-जीएसटी का पूरा नाम क्या है?

GST full form

GST का फूल फॉर्म है goods and Services Tax जिसे हिंदीमें वस्तु एवं सेवा कर के नाम से जाने जाते है। GST के पूरे नाम दो शब्द को जोड़कर बनाया गया है। 

  • Goods: यहाँ पर गुड्स का मतलब होते माल यानी product.
  • Services: सर्विसेज के मतलब होते है central tax, state tax या सेवाओ के ऊपर कर। 
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अतः ये दोनों शब्द से मिलकर gst बनते है। ये भारत पर प्रचलित एक प्रकार के इनडाइरेक्ट टैक्स होते है। यह tax वोही लागू होता जहाँ सामान बिकता है।

जीएसटी के प्रकार- Types of gst 

GST  कर प्रणाली को 3 भागों में बांटा गया है। 

  • CGST: Central Goods and Services Tax
  • SGST: State Goods and Services Tax
  • IGST: Integrated Goods and Services Tax 

CGST क्या है? 

CGST केंद्र सरकार द्वारा लागू कर व्यवस्था है। जब सामान या सेवाओं के आदान प्रदान राज्य के भीतर होते है तब CGST लागू होता है।

SGST क्या है? 

SGST भी CGST के तरह सामानों के आदान-प्रदान राज्य के भीतर होने से लागू होते है। लेकिन इसे राज्य सरकार द्वारा लागू किया जाता है।

IGST क्या है? 

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IGST को सामान या सेवाओं के लेनदेन एक state से दूसरे state करने के लिए लागू किया जाता है। 

GST काम कैसे करते है?

Gst kaam kaise karte

GST काम कैसे करते है ये समझने से पहले हमारे कर व्यवस्था काम कैसे करता था उसे समझना जरूरी है। चलिए इसे एक उदाहरण से समझते है- 

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मान लो एक car manufacturer company है जो एक कार बनाने के लिए 20% टैक्स के साथ 100 रुपया में कच्चामाल खरीदते है।  यानी कि कच्चामाल के वैल्यू पड़ा 120 रूपीस। अब मान लो कार को बनाने पर 30 रुपये खर्च हुआ। यानी कि कार कि अब वैल्यू हो गयी 150 रूपीस। अब इस वैल्यू पर उत्पादित शुल्क लगाया जाएगा, मान लो वो भी 20%, अब ये कार 180 रूपीस में dealer के पास जाएगा। अब मान लो dealer ने इस पर कुछ extra charge लगाई जो कि 20 rupees। कार के बेचने दाम हुआ 200 रुपया । अब इसमें sale tax लगेगा जो कि मान लो 20% यानी कि कार जाकर 240 में consumar तक पहुंचेगा। ये रहा gst के पहले कि कर व्यवस्था। 

अब बात करते है gst के बारे में। पहली की तरह एक कार लेते है जिसके कच्चा माल के price 100 रुपये है 20% gst= 120 रूपीस । अब कंपनी इसमे 30 रूपीस खर्च करते है तो इसके price हो गया 150 रूपीस। लेकिन gst लगेगा 130 रूपीस पर 20 रूपीस में gst छूट है क्योंकि product के असल price और खर्च पर ही gst add होता है=130 का 20%=26 रूपीस। अब 130 के gst 26 रूपीस लगेगा जिसमे से 20 रूपीस पहले ही चुकाया हुआ अब इसके 6 रुपया चुकाना पड़ेगा= 150+6=156. यानी कि 156 रुपये में ये car dealer के पास पहुंचेगी.अब मान लो dealer कुछ extra charge add करते है 20 रूपीस=156+20=176. अब इसमें 20% gst के साथ लगेगा=100+30+20 के 20%=30 रुपया। अब इस 30 रुपया gst के  26 रुपया पहले ही चुकाया हुआ है अब इसमें सिर्फ 4 रुपया चुकाना पड़ेगा=176+4=180. यानी कि car 180 रूपीस में ग्राहक तक पहुँच जाएगा। यही जीएसटी कर व्यवस्ता.

GST के लाभ

  • GST के बाद वस्तुओं और सेवाओं के कीमत पर गिरावट आई है। 
  • GST से पहले कई तरह के टैक्स लागू होता था लेकिन अब उन सबसे छुटकारा है। 
  • Gst के पहले ग्रहोकों को कोई भी सामान खरीदते वक्त 30 से 40% tax देना पड़ता था लेकिन अब gst टैक्स अधिकतम 28% देना पड़ता है। 
  • GST हिसाब एक ऑनलाइन प्रक्रिया है जिससे कोई भी इंडस्ट्री सरकार को ठग नहीं पाती है। और देश इसी पैसे को देश के हित में खर्च कर पाते है। 
  • GST बहुत सरलीकृत प्रक्रिया है। 
  • पूरे देश मे सामानों के कीमत एक तरह ही रहेगा। 
  • अब कोई भी इंडस्ट्री टैक्स के मामले में सरकार को ठग नही सकते थे। 

GST के हानि

जीएसटी के जिस तरह से लाभ है उसी तरह से इसके कुछ हानि भी है। 

  • जीएसटी के पहले कोई सारे सामानों पर टैक्स देना नही पड़ता था लेकिन अब इस सबमें gst लागू होगा। 
  • GST ज्वेलरी पर 3 पीसडी लागू होगा जिससे उनकी कीमत पर काफी ऊंचाई देखा जाएगा। 
  • GST आने के बाद छोटे मोटे दुकानदार या बिसनेसमेन को काफी दिक्कत हो सकता है। क्योंकि gst bill एक online प्रोसेस है जिसे नियंत्रित करने के लिये अलग से एक कर्मचारि रखना पड़ेगा जिसमे उसे एक्स्ट्रा खर्च लगनेवाले है।

GST बिल किन चीज़ों पर कितना प्रतिशत लगेगा

0% टेक्स्ट वाले गुड्स और सर्विसेज

Goods Services
Fresh meat, Fish Chicken, Eggs, Milk, Butter milk, Honey, Salt Bindi, Printed Books, Bangles, Newspapers, SindurHotel & lodges with tarif below Rs. grandfathering service has been exemted under gst.

5% टेक्स्ट वाले गुड्स और सर्विसेज

Goods Services
Fish Fillet, Creme, Skimmed milk, powder, branded paneer, frozen, vegetables, coffee, tea, pizza bread, coal, medicines, stentTransport services(Railway, Bus, Airforce), Small restaurant will be under the 5% category because their main input is petroleum, which is outside gst ambit.

12% टेक्स्ट वाले गुड्स और सर्विसेज

Goods Services
Frozen meat products, butter, cheese, ghee, animal fat, ayurvedic medicines, tooth powder, agarbatti, coloring books, pictures books, umbrella, sewing, machine, cellphonesNon-ac hotels. business class air tickets, fertilizers, work contracts.

12% टेक्स्ट वाले गुड्स और सर्विसेज

Goods Services
Flavored refined sugar, pasta, cornflakes, pastries and cakes, preserved vegetables, jams, sauces, soups. mixes, mineral water, tissues, notebook, steel products, printed circuits, monitors AC hotel that serve liquor, telecom services, IT Services, Branded Germents and finacial services

28% टेक्स्ट वाले गुड्स और सर्विसेज

Goods Services
Chewing gum, Molasses, chocolate, not containing cocoa,
waffles and wafers coated with chocolate,
pas masala, paint, deodorants, shaving cream, aftershave, hair shampoo, dye, sunshine, water heater, dishwasher,
weighing machine, washing machine atm,
vacuum cleaner, automobiles
5 start hotes, Race club betting, Cinema

जीएसटी बिल किन किन बिज़नेस में बनाना अनिवार्य है? 

यू तो हम और आप सभी को gst टैक्स के भुगतान करना पड़ेगा  सामान खरोदते वक़्त। लेकिन अगर आप एक बिज़नेस करते हो तो आपको अलग से gst bill को भुगतान करने के जरूरी पड़ सकते है। जिसके लिए gst नम्बर लेना भी जरूरी होगा। 

GST बिल उन्ही बिज़नेसमेन के जरूरी होते है जिनके वार्षिक turnover 5 लाख से ऊपर होता है। 

इसके अलावा आपके व्यापार अगर एक राज्य के अलावा अन्य राज्य में हो तो तब भी आपको जीएसटी पंजीयन करना पड़ेगा भलेही आपके turnover 5 लाख से कम हो। एक राज्य से दूसरे राज्य पर सामान बेचने के लिए भी आपको gst bill लेना पड़ेगा। 

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जीएसटी नंबर कैसे प्राप्त करें? 

जीएसटी नंबर प्राप्त करने के लिए सबसे पहले जीएसटी के लिए आवेदन करना होता है, जिसके लिए जीएसटी के आधिकारिक वेबसाइट gst.gov.in पर जाना होता है। इस वेबसाइट जाने के बाद दो विकल्प देखने को मिलते है, taxpayers और practitioners. इनमे से आपको अपने अनुसार किसी एक विकल्प चयन कर register now click करना पड़ेगा। 

GST नम्बर के लिए आवेदन हेतु इन दस्तावेजों के जरूरत पड़ते है- 

  • पैन नंबर
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी
  • डिजिटल सिंग्नेचर
  • कंपनी का रजिस्ट्रेशन लेटर
  • बिजली बिल
  • बैंक स्टेटमेंट
  • बैंक पासबुक

एक बार सारे फॉर्म अच्छी से fillup करने के बाद 3-4 दिन बाद आपके जीएसटी प्रमाण पत्र मिल जाते है जहाँ पर 15 डिजिट के जीएसटी नंबर भी बन जाते है। इन 15 डिजिट में से पहले दो डिजिट राज्य के कोड होते, पिछले 10 डिजिट पैन नंबर होते है, अगले दो डिजिट कारोबार करनेवाले संस्था के कोड होते है और अंत में ओर एक डिजिट जोड़कर gst नंबर को बनाया जाता है।

आज हमनें क्या सीख 

जीएसटी देश कि उन्नति और gdp growth के लिए काफी महत्वपूर्ण है। पहले कि बात करूं तो इंडस्ट्रीज प्रोडक्ट को ब्लैक में सेल कर देते थे जिससे कर न देकर देश को लूटते थे। लेकिन gst लागू होने के बाद से इस तरह के समस्या नही रहे। क्योंकि gst एक ऑनलाइन प्रोसेस है, जिससे यह सारी हिसाब रहते है कि माल कहाँ कहाँ गया। 

मुझे उम्मीद है कि gst kya hai और gst full form के ऊपर लिखी गयी यह आर्टिकल आपको जीएसटी के बारे में काफी हद तक जानकारी देने में सफल हुए होंगे। दोस्त एक आर्टिकल लिखने में बहुत मेहनत लगते हैं । अगर आपको हमारे मेहनत अच्छे लगे हो तो पोस्ट को जरूर आपने दोस्तो के साथ शेयर करे। 

पोस्ट को यहाँ तक पड़ने के लिए धन्यवाद । भगवान आपको और आपके परिवार को लंबी उम्र दे।

FAQ:

जीएसटी क्या होते है?

जीएसटी का मतलब होते है Goods and Services Tax. यह एक कर व्यवस्ता है जो भारत पर सामानों और सेवाओ के ऊपर लागु है|

जीएसटी लागु करनेवाले प्रथम देश कौनसा देश है?

जीएसटी लागु करनेवाले प्रथम देश फ्रांस है | यहाँ 1954 से जीएसटी लागु है|

भारत में जीएसटी कब से ;लागु हुआ?

भारत में १ अप्रैल 2017 से जीएसटी लागु हुआ |

जीएसटी नंबर में कितने डिजिट रहते है?

जीएसटी नंबर में 15 डिजिट रहते है|

जीएसटी कितने प्रकार के होते है?

जीएसटी तिन प्रकार के होते है-CGST, SGST,IGST

CGST का पूरा नाम क्या है?

Central Goods and Services Tax

SGST का पूरा नाम क्या है?

State Goods and Services Tax

IGST का पूरा नाम क्या है?

Integrated Goods and Services Tax 

नमस्कार दोस्तों | मैं सूरज नाथ इस ब्लॉग के संस्थापक और लेखक हूँ | मुझे लिखने में बहुत रूचि है और अभी तक हमने जो कुछ भी सिखा उसी को इस ब्लॉग के माध्यम से आप तक पहुँचाता हूँ | Join Us on- Facebook

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