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Intraday Trading in Hindi (संपूर्ण ज्ञान)

Intraday Trading in Hindi : इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है , इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करते है, इंट्राडे में बड़े नुकसान से कैसे बचे,डे ट्रेडिंग में पैसा लगाने से पहले क्या करना चाहिए? intraday trading से जुड़ी सारे जानकारी एक ही आर्टिकल मे।

Intraday Trading Kya hain

आज शेयर मार्केट के नाम से हर कोई ज्ञात है। शेयर मार्केट पर कंपनी के शेयर खरीदे बेची जाती है। इन कंपनी के शेयर को लोग अलग-अलग समय के लिए खरीदते है। जैसे कि कोई व्यक्ति शेयर को खरीदकर 2-3 साल बाद बेचते है। यानी कि वो long term के लिए शेयर को होल्ड करते है। जिसे positional trading या long term इन्वेस्टर कह सकते है। ठीक उसी प्रकार कोई व्यक्ति शेयर को खरीदकर 1-2 हप्ते तक होल्ड कर फिर बेचते है। इसे स्विंग ट्रेडिंग भी कहाँ जा सकता है। 

ठीक उसी प्रकार इंट्राडे ट्रेडिंग भी बहुत सारे लोग करते है। जिसमे शेयर buy-sell same डे में करना होता है। यानी अगर आप आज किसी शेयर को खरीदते हो तो आपको आज ही उस शेयर को बेचना होता है। इसे इंट्राडे ट्रेडिंग या same डे ट्रेडिंग कहाँ जाता है। आजके यह आर्टिकल पूरे इंट्राडे ट्रेडिंग के ऊपर बनाया गया है। अगर आपको इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है या इंट्राडे ट्रेडिंग सीखना है तो आर्टिकल को ध्यान से पढ़ते रहिए। तो चलिए intraday trading in hindi के बारे सम्पूर्ण ज्ञान जानते है।

Intraday Trading In Hindi

दरअसल हमारे इंडियन शेयर मार्केट सुबह के 9:15 को ओपन होते है और शाम 3:30 तक चलता है। आपको इसी टाइम के अंदर ही आर्डर लगाना होता है। 

इस टाइम के अंदर खरीदे हुए शेयर को आप 3 टाइम फ्रेम तक होल्ड कर पाते हो। 

  • Long time के लिए
  • Short time के लिए 
  • Same Day डिलीवरी

अगर आप किसी शेयर को same day में buy करके, sell करते हो तो उसे intraday ट्रेडिंग कहाँ जाता है। 

Intraday trading में आपको किसी भी शेयर को सुबह 9:15 के बाद खरीदना होता है और उसे 3:30 से पहले बेचना पड़ता है। अगर किसी कारण बसत आप शेयर को नही बेच पाते हो तो आप ब्रॉकर खुद ब खुद उसे सेल कर देते है। 

आज बहुत सारे लोग इंट्राडे ट्रेडिंग करते है। लेकिन एक बात बता देता हूँ कि इंट्राडे ट्रेडिंग बहुत risky होते है। अगर आप जोखिम लेने में सक्षम हो तो तभी आप intraday trading में आए। 

इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करें?

ट्रेडिंग करने के लिए सबसे पहले आपको डेमेंट एकाउंट के जरूरत पढ़ते है। डेमेंट एकाउंट बनाने के लिए सबसे पहले नीचे दिए दस्तावेज के होना अनिवार्य होता है। 

  • Pan Card
  • Adhar Card
  • Bank Account 

आगर आपके पास यह तीन दस्तावेज है तो आप डेमेंट एकाउंट बनाने के लिए eligible हो। 

तो सबसे पहले आपको किसी भी ब्रॉकर के एप्प को डाऊनलोड करना पड़ेगा । जैसे 

App को डाऊनलोड करने के बाद आप मांगी गई इनफार्मेशन को फील करके डेमेंट एकाउंट को बना सकते हो। 

आपके डेमेंट कम्पलीट होते के बाद आप शेयर के buy , sell कर सकते हो। 

जब आप कंपनी के शेयर खरीदने जाओगे तो वहाँ आपको प्रोडक्ट टाइप के ऑप्शन मिलेगा जहाँ से आप intraday को सेलेक्ट करके इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकते हो। 

और इंट्राडे ट्रेडिंग में खरीदे हुए शेयर को position पर जाकर बेच भी सकते हो।

इंट्राडे ट्रेडिंग में बड़ा लॉस से बचने के उपाय?

  • Trends : ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के जड़िया मान सकते हो ट्रेंड्स। इंट्राडे ट्रेडिंग में भी आपको ट्रेंड्स को पडख़ाना जरूरी है। मार्किट के दिशा क्या है, पिछले कुछ समय मे क्या मूवमेंट किया है इन चीज़ों पर ध्यान देना जरूरी है। 
  • Stop Loss/Target : ऐसा कोई बार देखा गया है कि इंट्राडे में भी मार्किट काफी ज्यादा volatile होते है और जिससे काफी ज्यादा लोस्स झेलना पड़ता है। और इससे बचने के उपाय है stop loss. आपको शेयर खरीदने के पहले से इसका स्टोप loss यानी कितना नीचे जाने में बेचना है यह decide रहना चाहिए और कितना ऊपर उठने बेचना है यह भी पहले से लिख कर रखना चाहिए। 
  • Risk Management : बड़ा लोस्स से बचने के लिए आपको risk management भी करना जरूरी है। आप किसी भी शेयर को खरीदने से पहले आपको कितना नुकसान झेलना है उस हिसाब से quantity को सेलेक्ट करके रिस्क फ्री ट्रेडिंग कर सकते हो। 
  • Revenge Trading : Revenge Trading एक बहुत बड़ा step होते है जो लोगो को बड़ा लोस्स बनने के कारण होते है। लोगो के mind psychology कुछ इस प्रकार के होते है – “मान लो आज आपके हज़ार रुपए के लोस्स हो गया और तभी आपके mind में loss रिकवर के सुझाब आएगा और जिसके लिए आप ओर शेयर को ख़रीदने लगोगे“। यानी कि आप revenge trading करके loss को recover करना चाहोगे जो कि loss के बड़ा बजह होते है। अगर आपको back to back losses आ रहा है तो उस दिन आपको मार्किट पर exit मार लेना चाहिए और इससे बड़ा लोसेस से भी बच सकते हो। 
  • ज्यादा ट्रेडिंग करना : इंट्राडे ट्रेडिंग में लोग एक ऐसा भी गलती करता है कि वे बहुत ज्यादा शेयर खरीदते है और यह भी एक loss के बजह है। इंट्राडे आप maximum 5 शेयर ही खरीदे। इससे ज्यादा शेयर खरीदना expert ने हानिकारक बताया है।

इंट्राडे के लिए शेयर को कब ढूंढना चाहिए? 

बहुत लोगो के देखा है कि जब मार्केट ओपन होते है तब शेयर ढूंढते रहते है। लेकिन यह गलती मत करे। 

आप पिछले दिन ही शेयर को ढूंढ के रखे, उसके आर्डर प्राइस, stop loss , टारगेट को डिसाइड करके रखे। 

यह मैं नही बता रहा हूँ। वल्कि हर मार्किट experts के यही राय होते है। 

इंट्राडे ट्रेडिंग के फ़ायदे 

भले ही इंट्राडे ट्रेडिंग काफी रिस्की होते है लेकिन इसके कोई सारे फायदे भी होते है। 

Daily Passive Income : इंट्राडे ट्रेडिंग आपको डेली पैसिव इनकम के सुविधा देते है। 

Margin : इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर के ख़रीदत्तरी में कुछ हद तक मार्जिन भी दिया जाता है। 

No loss after market close : मार्किट क्लोस होने के बाद आपके लोस होने के कोई चान्सेस नही होते है। जिससे आप टेंशन फ्री नींद ले सकते हो।

Short selling : इंट्राडे में आप शार्ट सेल्लिंग कर सकते हो। यानी कि शेयर को पहले बेचकर फिर उसे खरीदकर प्रॉफिट ले सकते हो। 

इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान

  • Intraday में आपको बहुत जोल्दी डिसिशन बनाना होता है और आपके गलत डिसिशन लॉस करबा सकते है। 
  • इंट्राडे में बहुत कमाने के लालसा आते है और ज्यादा कमाने के चक्कर मे ज्यादा गबा भी देते है। 
  • इंट्राडे में मार्जिन मिलने के कारण लोग आपने portfolio से ज्यादा शेयर खरीदते है और जिससे उसके कैपिटल को खोना पड़ता है। 
  • इंट्राडे बहुत ज्यादा रिस्की होते है। क्योंकि मार्किट में बहुत बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलते है। 

इंट्राडे में मार्जिन क्या होता है? 

आपने बैंक से कभी न कभी लोन जरूर लिया होगा जो आपको अपने जरूरत को पूरा करने के मदत करते है। इंट्राडे ट्रेडिंग में आपको मार्जिन के नाम प्रोवाइड किया जाता है। 

मान लो आपके पास ट्रेडिंग के प्रयाप्त धन नही है तो आप इंट्राडे में मार्जिन के साथ ट्रेड कर सकते हो। Sebi के नए रूल के अनुसार आप 5X तक मार्जिन ले सकते हो। 

यानी अगर आपके पास 10,000 है तो आप उसके 5x यानी 50,000 से ट्रेड कर सकते हो।

Intraday ट्रेडिंग के लिए टाइम फ्रेम 

अगर आप ट्रेडिंग chat को ओपन करते हो आपको कोई सारे टाइम फ्रेम देखने को मिल जाते है। जैसे 1M, 1D, 1H , 5M

Intraday के लिए आप 1h से कम के टाइम फ्रेम को chose कर सकते हो। ज्यादातर लोगों का मानना है कि इंट्राडे के लिए 5मिनट, 15 मिनिट, 30 मिनिट ज्यादा अच्छा रहता है। बाकी आप अपने strategy के हिसाब से कोई सा भी टाइम फ्रेम ले सकते हो।

यह भी पढ़े: Binance Coin क्या है?

Conclusion 

तो दोस्तो उम्मीद है, मैं आपको समझा पाए इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है और कैसे करते है Intraday in Hindi?  अगर आपको इस बारे में कोई भी डाउट रह गए है तो आप कमेंट करते पूछ सकते है। 

Intraday trading in hindi यह पोस्ट आपको कैस लगा हमे कमेंट करके जरूर बताएं। 

पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों के साथ शेयर करे।

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Suraj Debnath

असम के निवासी सूरज देबनाथ इस ब्लॉग के संस्थापक है। इन्होने विज्ञान शाखा में स्नातक किया हुआ है। इन्हें शेयर मार्किट, टेक्नोलॉजी, ब्लोगिंग ,पैसे कमाए जैसे विषयों का काफी अनुभव है और इन विषयों पर आर्टिकल लिखते आये है। Join Him On Instagram- Click Here

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