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ध्यान या मैडिटेशन क्या है और कैसे करें? (What is Meditation In Hindi?)

मैडिटेशन क्या है, कैसे करते है, प्रकार, लाभ, नुकसान, सोंग, वीडियोस ( What is Meditation in Hindi, Benefit, Song Videos, types of Meditation, Kaise Kare)

मैडिटेशन एक ऐसा तरीका है, जिसके द्वारा हम इन्सान अपनी तनाव भरी जिंदगी से बाहर आ सकते हैं और अपनी जीवनशैली को और अच्छा कर सकते हैं।  वर्तमान समय में लोग सबसे ज्यादा mental stress  से गुज़र रहे हैं जिसकी वजह से उनकी दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त रहती है।

दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको सही मायनों में meditation kya hai के बारे मे समझाएंगे।

meditation in hindi

आमतौर पर हम लोग मेडिटेशन को एक प्रार्थना ही समझता है, परंतु वास्तव मे ऐसा नहीं है. मेडिटेशन प्रार्थना से हटकर एक अलग चीज है, इससे soul relaxation मिलता है।

Meditation का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति में awareness और concentration को बनाये रखना है और हर साल 21 मई को विश्व मैडिटेशन दिवस (World Meditation Day) के रूप में मनाया जाता है।

मेडिटेशन क्या है? What is Mediation in Hindi

ध्यान (Meditation) एक विश्राम की अवस्था और क्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपने मन को soul  की एक विशेष अवस्था में लाने की कोशिश करता है। यह किसी वस्तु पर अपने विचारों का concentration या focus करना नहीं है। इसका उद्देश्य है मनुष्य को आत्मिक शांति प्रदान करना।

मैडिटेशन का उद्देश्य क्या है?

  • मेडिटेशन का उद्देश्य इन्सान के मन मे करुणा, प्रेम, धैर्य, उदारता, क्षमा, आदि गुणों को बनाए रखना है। 
  • मेडिटेशन का प्रयोग प्राचीन समय से ही ध्यान के रूप मे किया जाता रहा है।
  • मेडिटेशन कोई technique नहीं है, बल्कि यह ज़िंदगी को सही तरीके से जीने का एक माध्यम है।
  • मेडिटेशन करना एक सीमित समय के लिए अपनी सोचने की शक्ति पर वीराम लगाना है।
  • मेडिटेशन के वक़्त मनुष्य हर तरह के विचारों से मुक्त होता है। उसका ध्यान केवल एक ओर केन्द्रित होता है। 

मैडिटेशन कितने प्रकार का होता है?

मैडिटेशन विभिन्न प्रकार के होते हैं।  जिनको नियमित तौर पर करने से व्यक्ति को काफी लाभ हो सकता है। 

माइंडफुलनेस मैडिटेशन

इसके अभ्यास के लिए कोई जगह या समय सीमा निश्चित नहीं है इसे किसी भी जगह कर सकते हैं। यह व्यक्ति को वर्तमान में  aware और हर जगह उपस्थित रहने में मदद करत है। इसके अभ्यास से व्यक्ति अपने आपको active और careful बना सकता है। 

कुंडलिनी ध्यान

कुंडलिनी योग एक ऐसा मेडिटेशन है, जिसके द्वारा इन्सान शारीरिक रूप से सक्रिय हो सकते हैं। 

इसमें मंत्रों का उच्चारण करने, गहरी सांस लेने और कई मूवमेंट्स भी शामिल होते हैं। एक बार इसके मंत्रो और तरीकों को सीख लेने पर इसे घर पर ही बड़ी आसानी से किया जा सकता है। 

ज़ेन मेडिटेशन

यह बौद्ध परंपरा से संबंधित है। इसका अभ्यास गुरुकुल या फिर किसी professional trainer लेना ही अच्छा है।

 इसमें कुछ तो आसान stepsh होते हैं और कुछ विशेष जिसको करने से दिमाग शांत होता है और सोचने की  capability बढ़ जाती है।

 इसको करने से बॉडी और दिमाग दोनो relax position  में चले जाते हैं।

मंत्र मेडिटेशन

संस्कृत शब्द ” मंत्र ” दो शब्दों से मिलकर बना है- “मन” और “त्रा” जिसमें मन का मतलब “मस्तिष्क” या “सोचना” और त्रा का मतलब ”रक्षा करना” या ” मुक्त करना” है। इसके अभ्यास से आसपास पैदा होने वाली negative vibes को दूर रख सकते हैं जो मन को शांत और relax कर देगा।

मैडिटेशन शुरू कैसे करें?

अगर मेडिटेशन सही तरीके से किया जाए, तो यह इन्सान के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।

 यह व्यक्ति को physical तथा  mental peace और fitness  प्रदान करता है लेकिन जरूरी यह है कि meditation सही तरीके से किया जाये।

मैडिटेशन करने के क्या steps है?

1. सुविधाजनक समय चुनें

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जब प्रकृति दिन और रात में परिवर्तित होती है, यह समय ध्यान के अभ्यास करने के लिये सबसे आदर्श है।

2. शांत स्थान चुनें

मेडिटेशन के लिए सुविधाजनक समय के साथ सुविधाजनक स्थान को चुनें जहाँ कोई परेशान न कर सके। शांत और शांतिपूर्ण वातावरण मेडिटेशन को और अधिक comfortable और relaxed बनाता है। लेकिन आपको ये देखना है कि जहाँ आप मेडिटेशन करेंगे वहाँ आसपास दीवारों पर ना तो ज्यादा dark colour होना चाहिए, ना ही ज्यादा light colour, और ना ही ज्यादा गरम होनी चाहिए, ना ही बहुत ठंडी। 

साथ ही ये भी ध्यान रखना चाहिए कि जहाँ आप मेडिटेशन करेंगे वहाँ ज्यादा शोर ना हो। यदि आप किसी एक जगह पर मेडिटेशन  करने में  comfortable नहीं है तो आप जगह बदल भी सकते हैं। 

3. अपनी मेडिटेशन करने की अवस्था (posture) चुने

आप अपनी सुविधा से किसी भी posture को चुन  कर सकते हैं- जैसे बैठकर, लेटकर, खड़े होकर मेडिटेशन कर सकते हैं। 

लेकिन आपको एक बात अवश्य ध्यान में रखना होगा कि इन सभी अवस्थाओ के अपने फायदे और नुकसान है। 

 नीचे दिए गए अवस्था में मेडिटेशन कर सकते हैं:

  • खड़े होकर मेडिटेशन करना :- जो लोग ठीक से आल्थी-पाल्थी लगाकर नहीं बैठ सकतें या जो काफी देर तक एक अवस्था मे नहीं बैठ सकतें उनके लिए यह अवस्था सही है। इस posture में आपको सीधे खड़े होकर अपने हाथों को अपनी कलाइयों से मिलाते हुए अपने चेहरे और दृष्टि को अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी जगह पर focus करना है और अपने सुविधा के अनुसार हाथों का मूवमेंट कर सकते हैं।
  • लेटकर मेडिटेशन करना: इस अवस्था मे मेडिटेशन करने के लिए एक तरफ होकर लेटना होता है। यदि right side होकर लेटे तो अपना right hand  अपने सिर के नीचे और left hand अपने शरीर के उपर सीधी अवस्था में रखना चाहिए।आप right hand  की जगह pillow  भी अपने सिर के नीचे रख सकते हैं। 
  • बैठकर मेडिटेशन करना: बैठकर मेडिटेशन करने के लिए कई स्थितियाँ है- जैसे कोई व्यक्ति चौघडी लगाकर comfortable feel  करता है, तो कोई पदमासन में comfortable  होता है। आप अपनी इच्छा अनुसार अपने लिए comfortable posture को choose  कर सकते हैं। बैठकर मेडिटेशन करते समय chest  और neck straight होनी चाहिये। ध्यान करते समय स्थिर बैठना बहुत आवश्यक है।  ध्यान करते समय सीधे बैठें और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें, अपने कंधे और गर्दन को विश्राम दें और आँखे बंद  रखें। 

4. पेट को खाली रखे

भोजन से पहले का समय ध्यान के लिए अच्छा होता है या फिर आप भोजन के दो घंटे बाद भी ध्यान कर सकते हैं।

5. Warm Up से शुरू करें

ध्यान करने से पहले थोड़ी देर का warm up करने से शरीर के blood circulation  में सुधार होता है  और इससे शरीर में हल्कापन महसूस होता है। 

6. कुछ लंबी गहरी साँसें लीजिये

Meditation से पहले गहरी साँस लेना और छोड़ना करना अच्छा होता है। इससे breathing cycle स्थिर हो जाती है और मन शांतिपूर्ण ध्यान अवस्था में चला जाता है।

7. सौम्य मुस्कान बना कर रखें

ध्यान की पूरी प्रक्रिया के दौरान बिल्कुल  stress free होकर happy feel  करते हुए सौम्य मुस्कान के साथ meditation करना बहुत जरूरी है। 

8. आँखों को धीरे धीरे सौम्यता से खोलें

ध्यान के अंत में पहुँचने पर अपनी आँखों को खोलने में जल्दी न करें। आँखे खोलने पर मन बाहरी चीजों की  तरफ भागने लगता है, इसलिए ध्यान के बाद आँखे धीरे-धीरे खोलें। वातावरण के प्रति active होने के लिये थोड़ा समय लें।

9. ध्यान लगाना  

जब भी आप ध्यान की स्थिति में हो तो अपने दिमाग मे किसी भी तरह के विचार न आने दें। दिमाग में जो कुछ भी चल रहा हो जैसे अपने घर की उलझन, अपने परिवार की परेशानी या आपके office की  problems आदि को अपने दिमाग से निकाल दे तथा अपने शरीर के हर अंग को शांत करें। ऐसा महसूस करें कि आपको  कोई परेशानी नहीं है। 

10. अपनी क्रिया को दोहराए 

दोस्तों जब आप अपने मेडिटेशन के लिए किसी posture को choose करते है, तो हो सकता है कि starting में आपसे यह सही से न हो और  ध्यान लगाते समय आपके विचार भटकने लगे। ऐसा होने पर चिंता ना करें और दुबारा से ध्यान लगाने की कोशिश करें। जब आप ऐसा बार बार कोशिश करेंगे, तो कुछ समय बाद आप easily ध्यान लगा पाएंगे। 

मैडिटेशन के लाभ 

मैडिटेशन व्यक्ति को mentally  और physically healthy बनाती है। इसके नियमित अभ्यास से अनेक फायदे मिलते हैं जिनमें से कुछ निम्नलखित है –

  1. तनाव से मुक्ति:- तनाव मुक्त जीवन जीने के लिये मैडिटेशन को अपनी  routine में शामिल करने से स्ट्रेस लेवल कम होता है और दिमाग को आराम भी मिलता है।
  2. Depression से मुक्ति:- मेडिटेशन के daily practice  से anxiety  कम होती है और depression  आदि जैसी परेशानी से मुक्ति मिलती है। 
  3. Anti-Aging:- मेडिटेशन aging के प्रोसेस को कम करता है, और व्यक्ति को हमेशा fit बनाकर रखता है।
  4. नींद के लिए लाभकारी:- मैडिटेशन करने से नींद अच्छी आती है इसलिए आरामदायक नींद लेने के लिए ध्यान बहुत जरूरी है। 
  5. ध्यान से शारीरिक स्तर पर होने वाले लाभ: – Meditation से high blood pressure, रक्त में lactate और व्याकुलता कम होती है। Meditation करने से stress के कारण सिरदर्द, insomnia, body aches  एवं जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है।
  6. मेडिटेशन के mental लाभ:– ध्यान से मस्तिष्क की तरंगों की गति बढ़ जाती है। मस्तिष्क पहले से अधिक सुन्दर, new और soft हो जाता है। ध्यान हमारे दिमाग को अंदर से न्यूट्रिशंस और स्वछता प्रदान करता है। जब भी  परेशान या दुखी होते हैं तब ध्यान  हमारे मन को शांत करता है। Anxiety का कम होना, भावनात्मक स्थिरता में सुधार, creativity में वृद्धि, happiness में वृद्धि, सहज बोध का विकसित होना, मानसिक शांति एवं स्पष्टता, परेशानियों का छोटा होना आदि सब फायदे है meditation को अपनी life में अपनाने से।
  7. ध्यान(Meditation) के  spiritual लाभ: – ध्यान का किसी धर्म विशेष से कोई संबंध नहीं है। किसी भी thinking को मानने वाले इसका अभ्यास कर सकते हैं। ध्यान से इन्सान की प्रवृक्ति कि “मैं कुछ हूँ”  मतलब कि (मैं) की भावना समाप्त हो जाती है और मनुष्य स्वयं को अनंत ब्रह्मांड का हिस्सा समझने लगता है।  ध्यान की अवस्था में मनुष्य में प्रसन्नता और शांति का विस्तार होता है और इस प्रकार प्रकृति से balance establish  हो जाता है।

मैडिटेशन के नुकसान 

  • मैडिटेशन के बारे में सही जानकारी ना होना:– यदि मैडिटेशन के बारे में सही जानकारी ना हो तो इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके गलत अभ्यास से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि जानकारी सही ना होने पर कुछ ना कुछ गलती कर सकते हैं।
  • मैडिटेशन का निर्धारित समय ना होना:– सही समय सही तरीके से किया गया meditation ही लाभदायक है। मैडिटेशन करने का भी एक सही समय होता है, लेकिन यदि आप इसे सही समय पर नहीं करेगें तो आपके शरीर को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। 
  • गलत पोस्चर:– ध्यान करते वक़्त सही मुद्रा ( posture) को ध्यान में रखना जरूरी है। ग़लत posture शरीर  को  नुकसान पहुँचा सकता है। मैडिटेशन करने के लिए अलग- अलग postures होते हैं, जिनके बारे में हमें कई बार पता नहीं होता और हम अंदाजे से कोई भी posture अपना लेते है जिसकी वजह से हमें नुकसान भुगतना पड़ता है। जितना हो सके पोस्चर को याद रखें। अगर याद ना हो तो किसी trainer या professional की एडवाइस लें।
  • नियमित तरीके से मैडिटेशन ना करना:– दैनिक meditation ना करने से शरीर फिर पहले जैसे ही हो जाता है इसलिए यदि आप मैडिटेशन को सही समय और इसे नियमित रूप से नहीं करेगें तो नुकसान आपको ही होगा। 

मैडिटेशन songs और music

मैडिटेशन करते वक्त आप मन को शांत करने वाला म्यूजिक जैसे- सुबह के समय कोयल की आवाज, झरने की आवाज आदि सुन सकते हैं। इससे आपका मन शांत रहेगा और मैडिटेशन करने में आसानी भी मिलेगी।

 शांत मधुर गाने सुनने से भी आपको मैडिटेशन करने में  happy and relax फील होगा और मन एकदम शान्त हो जाएगा।

Meditation कितनी देर तक करना चाहिए?

मेडिटेशन को शुरआत में आपको 10- 12 मिनट तक करने की कोशिश करनी चाहिए। फिर जब आप  इतने समय तक सेट हो जाएं तो अपने comfort के अनुसार meditation के समय को आधे घंटे से एक घंटा तक बढ़ा सकते हैं। 

मैडिटेशन क्या है के बारे में पूछे गए सवाल

 Q. World Meditation Day कब celebrate होता है?

Ans: 21 मई को हर साल World Meditation Day celebrate होता है ।

Q. Meditation के क्या क्या नुकसान है?

Ans: Meditation को सही तरीके से ना करने से आपको health problems जैसे anxiety, sleep problems, motivation कि कमी आदि हो सकती है।

Q. Meditation songs कौन कौन से है?

Ans: आप YouTube पर 15 मिनट relaxing songs सुन सकते है या फिर flute music आदि search कर सकते है।

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निष्कर्ष

दोस्तों मेडिटेशन का अर्थ है(Meditation in Hindi) एकाग्र भाव से ध्यान लगाना।

जब कभी जीवन में उत्साह की कमी महसूस होने लगे और जब emotional problems आपके  काम पर असर डालने लगे तो व्यक्ति को meditation अवश्य करना चाहिए। इससे problems solve  तो नहीं होगी लेकिन problem को deal करने की आपकी approach में काफी change आएगा । 

यदि वास्तव में आप ध्यान को अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा बनाना चाहते हैं तो सर्व प्रथम आपको अपनी जिंदगी से सारी टेंशन को खत्म करना होगा। टेंशन रहेगी तो आप किसी में भी ध्यान नहीं लगा पाएंगे। प्रारंभ में लोग मैडिटेशन करते समय कठिनाई का सामना करते हैं, लेकिन समय और अभ्यास के साथ आप इसको आसानी से कर पाएंगे। आपको इस लेख में बताए गए meditation करने का तरीका और सही समय जानना  और उनको follow करना चाहिए जिसके आपको mental, physical, spiritual और emotional benefits ज़रूर मिलेंगे। 

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Priyanka Sachan

यह उत्तर प्रदेश, कानपूर के रहने वाली है। इन्होने एम्.बी.ए किया हुआ है। पेशे से यह एक गृहणी है साथ ही साथ लिखने में भी इन्हें बहुत रूचि है।ये शिक्षा, पैसे कमाए,टेक्नोलॉजी पर आधारित आर्टिकल लिखती है। Follow Her On Facebook - Click Here

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