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[2022] गणतंत्र दिवस पर शानदार भाषण | Republic Day Speech in Hindi

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Republic day speech hindi

गणतंत्र दिवस पर भाषण बच्चो के लिए[150 Words]

भारतीय इतिहास में 26 जनवरी का एक विशेष महत्व है। 26 जनवरी सन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था । इसके बाद से हर वर्ष 26 जनवरी को भारत गणतंत्रता दिवस के रूप में मनाता आ रहा है। बता दें कि यही वह दिन है जिस दिन लोकतांत्रिक प्रणाली के साथ भारतीय संविधान को जोड़ दिया गया था । 26 जनवरी के अवसर पर हर वर्ष नई दिल्ली में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है। इस दौरान भारत के भारत के राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं स्कूल एवं सरकारी संस्थानों में भी 26 जनवरी को ध्वजारोहण किया जाता है ।

26 जनवरी के दिन कई प्रकार से हम अपने देश के वीर जवानों को याद करते हैं। स्कूल एवं कॉलेजों में भी छात्रों द्वारा अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होता है। समारोह के दौरान छात्र एवं छात्राओं द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों याद किया जाता है एवं साहित्यिक और सांस्कृतिक कई तरीके के कलाओं का भी प्रदर्शन किया जाता है।

गणतंत्र दिवस पर भाषण 300 शब्दों में

हम भारतवासी प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी के दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में बड़े उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाते हैं। भारत की स्वतंत्रता के बारे में तो हम सभी जानते हैं कि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ था लेकिन 26 जनवरी 1950 में हमारे देश को संविधान की प्राप्ति हुई थी, जिसके बाद ही हमारे वास्तविक स्वतंत्रता निश्चित हुई। अर्थात यह दिवस सभी भारतीयों के लिए बेहद महत्वपूर्ण एवं यादगार है।

गणतंत्र दिवस का इतिहास

गणतंत्र दिवस का ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है। इस दिन हमारे देश का एक अलग संविधान बनाकर तैयार किया गया था, जिसकी रचना करने में कई महापुरुषों एवं नेताओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के अथक प्रयासों के कारण हमारे देश के संविधान बनाने में बहुत अधिक मदद मिली। यही कारण है कि आज उन्हें “संविधान का जनक” के रूप में जानते हैं।

गणतंत्र दिवस का महत्व

गणतंत्र दिवस के दिन से ही हमारे देश को गणतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थान प्राप्त हुआ, जिसका अर्थ यह है कि हमारे देश की जनता को सरकार चुनने का अधिकार प्राप्त होगा। इसके फलस्वरूप देश में किसी भी व्यक्ति का एकाधिकार शासन नहीं हो सकता बल्कि जनता स्वयं देश के संचालक का चयन करती है।

राष्ट्रीय त्योहार के रूप में गणतंत्र दिवस समारोह

गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रत्येक विद्यालयों, कॉलेजों और यहां तक कि ऑफिसों आदि में राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस दिन राष्ट्रीय छुट्टी भी होती है। विद्यालयों अथवा कॉलेजों में लोग झंडा फहरा कर “जन गण मन” गाते हैं और वीर योद्धाओं और देशभक्तों को पुष्प अर्पण कर श्रद्धांजलि देते हैं। इसके अलावा विद्यालयों में बच्चों एवं शिक्षकों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जाता है।

उपसंहार

गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रत्येक भारतीय अपनी भारत माता की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना हमेशा तत्पर रहने प्रतिज्ञा लेते हैं। इस दिन वह प्रण करते हैं कि पूरे जीवन भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से दूर रखेंगे और उन्हें सम्मान से उच्च शिखर पर बैठाए रखने के लिए सदैव तैयार रहेंगे।

26 जनवरी पर शानदार भाषण [500 Words]

26 जनवरी के दिन प्रत्येक साल हमारे देश में गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाता है। हमारा भारत तो 15 अगस्त के दिन ही स्वतंत्र हो गया था परंतु वास्तविकता यह है कि 26 जनवरी के दिन संविधान लागू होने के पश्चात हमारे देश को वास्तव में स्वतंत्रता मिली थी। 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर ही हमारा देश संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष तथा एक गणतांत्रिक देश के रूप में जाना गया।

गणतंत्र दिवस का इतिहास :

गणतंत्र दिवस के दिन हमारा संविधान लागू हुआ था, जिसकी वजह से आज हमारे देश का अपना एक कानून है और सभी कार्य कानून के आधार पर हो रहे हैं। गणतंत्र दिवस का दिन 26 जनवरी को ही मनाया जाता है क्योंकि 1930 में 26 जनवरी के दिन ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में अंग्रेजों द्वारा स्वराज का प्रस्ताव पास किया गया था। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने भारत के संविधान निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की, जिस कारण उन्हें “संविधान का जनक” भी कहा जाता है।

26 जनवरी 1950 के बाद से ही हमारा देश गणतांत्रिक बना। “गणतंत्र” दो शब्दों ‘गण’ और ‘तंत्र’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है प्रजा का शासन। इसका अर्थ यह है कि गणतांत्रिक देश में कोई व्यक्ति चाहे वह राजा हो या तानाशाह, किसी का शासन नहीं हो सकता बल्कि पूरे देश की सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है और जनता की समस्याओं के मद्देनजर सरकार काम करती है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

गणतंत्र दिवस में राजपथ पर ध्वजारोहण:

पूरे देश में वैसे तो इसका आयोजन बड़े धूमधाम से होता है लेकिन दिल्ली की बात ही कुछ और है। राष्ट्रीय स्तर पर इस दिन को बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया जाता है तथा राजपथ पर विशेष एवं बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। सबसे पहले राजपथ पर ध्वजारोहण किया जाता है एवं उसके बाद सभी राष्ट्रगान गाते हैं। इसके बाद भारतीय सेना इंडिया गेट के पास राष्ट्रपति के सम्मुख परेड भी करती है। वहां उपस्थित दर्शकों के ह्रदय में यह दृश्य मातृभूमि के प्रति प्रेम, श्रद्धा और उत्साह की लहर दौड़ा देती है।

विद्यालयों में गणतंत्र दिवस का महोत्सव:

गणतंत्र दिवस प्रत्येक विद्यालयों, कॉलेज, ऑफिस आदि में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन काम की छुट्टी होती है एवं सभी जगह रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। खासकर विद्यालयों में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम बेहद ही रोमांचक एवं मनमोहक होता है। विद्यालयों में ध्वजारोहण के पश्चात विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम होते हैं। यहां कुछ बच्चे गणतंत्र दिवस पर भाषण देते हैं, तो कुछ बच्चे संगीत, नृत्य और निबंध लेखन जैसे प्रतियोगिताओं में भाग लेकर इस कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाते हैं। 

बच्चों के साथ-साथ शिक्षक भी इन कार्यक्रमों में भाग लेते हैं एवं बच्चों का उत्साह बढ़ाते हैं। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद बच्चों को लड्डू देकर अपने घर के लिए विदा किया जाता है।

उपसंहार:

गणतंत्र दिवस के दिन कर्तव्यनिष्ठ भावना, समर्पण एवं प्रेम से ओतप्रोत प्रत्येक भारतीय भारत मां को यह वचन देते हैं कि वे अपनी भारत मां को कभी भी किसी के सम्मुख झुकने नहीं देंगे और सदैव उनका मान बनाए रखेंगे। भारत माता के प्रति प्रेम, सम्मान और उनकी सेवा के लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगे।

गणतंत्र दिवस पर भाषण [800 Words] – Republic Day Speech

प्रत्येक भारतीयों का हृदय अपनी मातृभूमि भारत के लिए देशभक्ति के जोश और अपार प्रेम से भरा है। 26 जनवरी के दिन की कई महत्वपूर्ण यादें हैं, जिसके कारण हमें भारत माता के प्रति अपने प्रेम एवं श्रद्धा भाव को जाग्रत करने का एक और मौका मिलता है। यह वह दिन था जब जनवरी 1930 में लाहौर में पहली बार पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा भारतीय तिरंगा फहराया गया था।

इसी दिन स्वतंत्र भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की घोषणा भी की गई थी। 26 जनवरी 1950 को भारतीय गणतंत्र और उसका संविधान लागू हुआ। गणतंत्र दिवस हर साल पूरे देश में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। इस अवसर के महत्व को चिह्नित करने के लिए, इस दिन राजधानी नई दिल्ली में एक भव्य परेड की जाती है। परेड राष्ट्रपति भवन के पास रायसीना हिल से, राजपथ के साथ, इंडिया गेट के पास आयोजित की जाती है।

26 जनवरी का महत्व :

हम सभी को यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 26 जनवरी का भारत के स्वराज के संघर्ष में बहुत महत्व था। 29 दिसंबर, 1929 को लाहौर में कांग्रेस के अधिवेशन ने पूर्ण स्वराज यानी कि पूर्ण स्वतंत्रता को भारत का लक्ष्य घोषित करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। इस दिन यह भी निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी को पूरे भारत में पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पूर्ण स्वतंत्रता दिवस पहली बार 26 जनवरी 1930 को ही मनाया गया था।

यह 1947 तक इसी तरह ही मनाया जाता रहा और स्वतंत्रता प्राप्त करने पर, 15 अगस्त हमारा स्वतंत्रता दिवस बन गया क्योंकि, 26 जनवरी को भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महान घटना के रूप में चिह्नित किया गया। इसलिए यह सभी के पक्ष में था कि 26 जनवरी को नए संविधान के प्रारंभ की तिथि के रूप में चुना जाना चाहिए। इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय महत्व के दिन के रूप में बड़े हर्ष और गर्व के साथ मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस पर राजपथ की परेड:

गणतंत्र दिवस के मौके पर सबसे महत्वपूर्ण और भव्य परेड नई दिल्ली में राजपथ पर आयोजित की जाती है, जो देश की समृद्ध सामाजिक विरासत और सैन्य क्षमता की अलग-अलग रंगों की तस्वीर प्रदर्शित करती है। इस जुलूस की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रपति करते हैं। भारत के प्रधानमंत्री पहले इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर सेना के उन सभी लोगों की याद में पुष्पांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इसके बाद 21 तोपों की सलामी, राष्ट्रीय ध्वज फहराना और राष्ट्रगान का गायन होता है।

विद्यालयों में गणतंत्र दिवस का आयोजन:

गणतंत्र दिवस समारोह स्कूलों में देशभक्ति के उत्साह के साथ होता है क्योंकि सभी ग्रेड के बच्चे भारत के राजनीतिक इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और संविधान को अपने पाठ्यक्रम के एक भाग के रूप में सीखते हैं। वे सीखते हैं कि कैसे मातृभूमि के महान सपूतों ने स्वतंत्रता प्राप्त करने और भारत को एक संप्रभु राज्य बनाने के लिए संघर्ष किया है। इसलिए, बच्चे प्रेरित महसूस करते हैं और गणतंत्र दिवस समारोह और उत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा, नन्हा मुन्ना राही हूं, ऐ वतन, ऐ वतन, हमको तेरी कसम आदि गीत गाते हुए छात्रों के बीच देशभक्ति गीत प्रतियोगिता होती है। वे पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी अपना रचनात्मक कौशल दिखाते हैं जिसमें राष्ट्रीय ध्वज बनाना, गणतंत्र दिवस से संबंधित विभिन्न विषयों को चित्रों द्वारा प्रदर्शित करना शामिल होता है। भारत के इतिहास, भूगोल, संस्कृति, धर्म और भाषा, राष्ट्रीय प्रतीकों और प्रस्तावना के बारे में ज्ञान का परीक्षण करने के लिए लघु प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है।

गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण:

विभिन्न वर्गों के छात्रों द्वारा मार्च पास्ट का आयोजन किया जाता है, जबकि स्कूल में गाना बजानेवालों द्वारा देशभक्ति के गीत गाए जाते हैं। फिर मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और प्रधानाचार्य, शिक्षक, स्कूल स्टाफ और विभिन्न ग्रेड और कक्षाओं के छात्र एक साथ राष्ट्रगान, जन गण मन और वंदे मातरम के गायन में शामिल होते हैं। भारत गणराज्य के लिए अपनी निष्ठा को प्रकट करते हुए सभी प्रतिज्ञा लेते हैं।

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में भाषण कार्यक्रम:

मुख्य अतिथि और प्रधानाचार्य आमतौर पर छात्रों को गणतंत्र दिवस के इतिहास के बारे में बताते हुए, राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महापुरुषों के महत्व और बलिदान की व्याख्या करते हुए संबोधित करते हैं। वे छात्रों को देश के अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं, अपने आसपास के समाज के विकास और सुधार में भाग लेने के लिए, देश के सामने आने वाली चुनौतियों से अवगत होने के लिए और राष्ट्र की प्रगति में योगदान करने का संकल्प लेते हैं, वे ही देश के भविष्य हैं।

उपसंहार:

भारत एक समृद्ध सांस्कृतिक अतीत वाला देश है, जहाँ अभी भी अलग-अलग संस्कृति के लोग परस्पर मेल जोल के साथ रहते है। सारे बच्चों को भारत की इस खास महत्व के बारे में बताया जाता है। उन्हें इसकी विविध राष्ट्रीय विरासत को संरक्षित करने और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इन्हें भी पढ़े-

प्रश्न-1- भारत में गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता है?

उत्तर- भारत में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है।

प्रश्न-2- गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस में क्या अंतर है?

उत्तर- स्वतंत्रता दिवस के दिन हमारा देश आजादी का पर्व मनाता है, जबकि गणतंत्र दिवस के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था।

प्रश्न-3: भारत एक गणतंत्र राष्ट्र कब बना था?

उत्तर- भारत 26 जनवरी सन 1950 में गणतंत्र राष्ट्र बना था।

प्रश्न-4: गणतंत्र दिवस के दिन ध्वजारोहण कौन करता है?

उत्तर- गणतंत्र दिवस के दिन भारत के राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं।


प्रश्न-5: पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पहली बार तिरंगा कब और कहाँ फहराया गया था?

उत्तर- पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा तिरंगा पहली बार सन 1930 में लाहौर में फहराया गया था।

प्रश्न-6: गणतंत्र दिवस की परेड कहाँ सम्पन्न होती है?

उत्तर- गणतंत्र दिवस की परेड देश की राजधानी दिल्ली में सम्पन्न होती है।

Short Speech on 26 January in Hindi

प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। यह हमारे भारत का राष्ट्रीय त्योहार है, जिसे हर एक भारतवासी पूरे हर्षोल्लास तथा सम्मान से मनाते हैं। इस पर्व को भारत के अंतर्गत निवास करने वाले प्रत्येक धर्म, जाति, सम्प्रदाय के लोग मिलकर बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं ।

26 जनवरी 1950 को हमारे देश भारत का संविधान लागू हुआ तथा भारत एक गणतंत्र राष्ट्र की सूची में आ गया था।

गणतंत्र शब्द में “गण” का अर्थ “जनता” और “तंत्र” का अर्थ है “शासन” अर्थात जिसमें जनता का शासन हो। इसमें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह से जनता पर निहित होती है। इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को हमारा देश गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है। यह दिवस किसी धर्म और जाति से सबन्धित नहीं है। इसलिये पूरे भारत के सभी लोग इस पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।

गणतंत्र दिवस में भारत की राजधानी नई दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रपति द्वारा झण्डा फ़हराया जाता है तथा विजय चौक से लेकर लाल किला तक परेड होती है, जो भारतीय सेना के तीनों सेनाओं द्वारा संचालित की जाती है। इस परेड में भारत के तीनों सेनाओं जल सेना, थल सेना और वायुसेना के प्रमुख द्वारा देश के राष्ट्रपति को सलामी भी दी जाती है। इस दिन सेना के पास प्रयोग मे लाये जाने वाले प्रक्षेपास्त्र, शक्तिशाली टैंक, हथियार इत्यादि को प्रदर्शित किया जाता है ताकि परेड के जरिये हमारे भारतीय सैनिकों की पराक्रम, साहस तथा शक्ति से अवगत कराया जा सके।

गणतंत्र दिवस में सभी सरकारी दफ़्तरों, शिक्षण केन्द्रों इत्यादि जगहों पर ध्वज फ़हराया जाता है। इसके पश्चात राष्ट्रगान भी गाया जाता है। बहुत से विधालयों, काॅलेजों में देशभक्ति से जुड़े संगीत, नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होता है।

गणतंत्र दिवस में सबसे ज्यादा उत्साह बच्चों में होता है। वे इस दिन में होने वाले कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त करते हैं तथा उन सबके बीच मिठाई भी वितरण किया जाता है। इस दिन गाँवों के साथ साथ शहर में भी राष्ट्रभक्ति के गीत की गूँज सुनाई देती है तथा हरेक भारत के वासी देशभक्ति में डूब जाते हैं।

गणतंत्र दिवस पर प्रत्येक भारतीय नागरिक अपने देश की शांति, आपस में भाईचारा बनाने एवं अपने देश भारत के विकास की राह में अपनी योगदान देने का संकल्प लेते हैं तथा प्रत्येक भारतीयों को एहसास दिलाया जाता है कि देश सर्वोपरि है, देश से ऊपर कुछ भी नहीं है। देश की रक्षा के लिये हमें यदि अपने प्राणों की भी कुर्बानी देनी पड़े तो हम भारतीय कभी पीछे नहीं हटेंगें ।

Shambhavi Mishra

शाम्भवी मिश्रा" कानपुर, उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। इन्होंने हिंदी साहित्य से परास्नातक उत्तीर्ण किया है। ये हिन्दीमेसीखे ब्लॉग के एक सीनियर राइटर है और अपने अनुभवों को इस ब्लॉग के माध्यम से आपलोगो तक शेयर करती हैं। Follow me on Facebook
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