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SEO कैसे करे? Seo के Top 14 rule से ब्लॉग पर ट्रैफिक लाए

Seo कैसे करे (On Page Seo, Off Page Seo, Technical seo) ब्लॉग को रैंक कैसे करे | Seo Kaise Kare, Blog ko Rank Kaise Kare, Seo secret Tips in Hindi

Seo करने के सही तरीका, मेने इस पोस्ट में अपने पूरे जीवन के experience को शेयर किया हूँ। 

किसी भी ब्लॉग पोस्ट को रैंक करने के लिए seo बहुत जरूरी है। Seo ही एकमात्र उपाय है जो बिना खर्च के ब्लॉग को रैंकिंग देता है।

अगर आप एक beginner हो और आपको seo के ऊपर कुछ ज्यादा जानकारी नही है तो आज आप सही जगह पर आए हो। 

आज आप इस पोस्ट में seo करने के सही तरीका जानने वाले हो, जो actual में ब्लॉग पोस्ट को रैंकिंग देता है। तो चलिए जानते है seo कैसे करे(Seo Kaise Kare)। 

Seo कैसे करें? | Seo Kaise Kare

Seo कैसे करे इसे जानने से पहले Seo के थोड़े बेसिक जान लेते है।

Seo का मतलब होते है सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन। Seo में कुछ तकनीक के यूज़ करके ब्लॉग पोस्ट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज़ किया जाता है। Seo के बेसिक जानकारी के ऊपर पहले से ही हमने एक आर्टिकल लिखकर रखे है, इसे पढ़े। Seo क्या है?

हमने seo कैसे करे इसे समझने के लिए 14 पॉइंट ऐड किया है, जो बहुत सिंपल तरीके से बताया है और आप इसे बहुत आसानी से implement कर सकते हो। 

seo kaise kare

#1. Unique और अच्छे Quality के आर्टिकल लिखे : 

यूनिक और अच्छे आर्टिकल उसे ही कहते है जो सबसे अलग हो और यूजर इंटेंट हो। 

आर्टिकल हमेशा यूजर के लिए लिखना चाहिए, यूजर क्या पढ़ने के लिए ब्लॉग पर विजिट करेगा इसे ध्यान रखकर आर्टिकल को लिखना चाहिए। 

एक अच्छे आर्टिकल के लिए किसी भी तरह के बैकलिंक के जरूरत नही पड़ते। अच्छे आर्टिकल ऐसे ही रैंक कर जाता है। 

क्योंकि गूगल हमेशा ही अच्छे कंटेंट को ही प्रेफर करता है। अगर आपके आर्टिकल बाकियो से अच्छा हो तो वह धीरे धीरे top पर आ जाता है। उदाहरण के लिए आप ब्लॉग कैसे शुरू करे इस आर्टिकल को देख सकते हो। जो बिना बैकलिंक के बड़े बड़े वेबसाइट को पीछे छोड़ टॉप पर रैंक कर रहा है। 

#2. पोस्ट टाइटल को Attractive रखे:

ब्लॉग पोस्ट रैंकिंग में टाइटल का बहुत बड़ा रोल होते है । टाइटल लिखते वक़्त टाइटल को हमेशा eye catching रखे ताकि ज्यादा से ज्यादा क्लिक मिले । 

टाइटल में “Top, Best, Unique ” इस टाइप eye cathching वर्ड का यूज़ कर सकते हो और नंबर भी ऐड कर सकते हो । और रैंकिंग के लिए टाइटल में कीवर्ड आना भी जरुरी है । 

#3.ब्लॉग पोस्ट को अच्छे से डिज़ाइन करें: 

ब्लॉग को डिज़ाइन करना भी जरुरी है। बिना जरूरत के चीज़ों को ब्लॉग पर इस्तेमाल न करे। 

आर्टिकल पर sub heading(H2, H3, H4) प्रॉपर रखे और उनमें कीवर्ड का प्रयोग करे। 

प्रग्राफ को हमेशा शार्ट रखे और कोई important प्रग्राफ को block quote में लिखे। 

एड्स को जितना कम हो सके उतना रखे क्योंकि यह यूजर को iriited करते है। 

और एक बात आर्टिकल पर सही alt tag के साथ इमेज का जरूर प्रोयोग करे।

#4. URL permalink को सही रखें:

seo freindly url permalink

आप ब्लॉग बनाते वक्त URL permalink को जरूर से सही कर ले। ऐसे पर्मालिंक को यूज़ न करे जिसमे date आते हो या only नंबर। 

अगर आप wordpress यूजर हो तो आप सेटिंग पर जाकर permalink section से URL पर्मालिंक को चेंज कर सकते हो। 

इतना ही नही आप आर्टिकल लिखने के बाद URL भी ऑप्टिमाइज़ करे। आर्टिकल के यूआरएल में कीवर्ड जरूर से ऐड करे।

#5. कीवर्ड का सही placement करें: 

Keyword seo में बहुत अच्छा भूमिका निभाते है। इसीलिए आर्टिकल रैंक करने पर कीवर्ड placement भी जरूरी है। आप हमेशा कशिश करे कि आर्टिकल के 1st paragraph पर कीवर्ड ऐड कर सके। 

हैडिंग टैग पर कीवर्ड के प्रोयोग करे, इमेज ऑल्ट पर कीवर्ड के प्रोयोग करे और आर्टिकल के लास्ट मे बीच बीच में कीवर्ड का प्रयोग करे। 

लेकिन ध्यान रखे कीवर्ड वही ऐड करें जहाँ कर सकते हो। आपको कीवर्ड ऐसे ऐड करना है ताकि आर्टिकल के क्वालिटी को impact न करें। 

#6. सोशल सिग्नल दे:

ब्लॉग पोस्ट के रैंकिंग में सोशल सिग्नल का भी महत्व है। यह भी एक seo के रूल होते है। 

आर्टिकल पब्लिश होने के बाद आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया एकाउंट पर शेयर करे। इसके 3 फायदे है, पहला बैकलिंक मिलते है, दूसरा ट्रैफिक आते है और तीसरा indexing फ़ास्ट होते है।

#7. क्वालिटी बैकलिंक बनाये

ब्लॉग रैंकिंग में बैकलिंक के भी अहम भूमिका होते है। लेकिन मेरा राय यही रहेगा कि अगर आप नए हो तो इसे इग्नोर करें। क्योंकि अगर बैकलिंक सही तरीके से बनाया न जाये तो यह ब्लॉग को नेगेटिव इम्पैक्ट भी कर सकते है। (बैकलिंक के बारे में ज्यादा जानने के लिए इस आर्टिकल को पड़े- बैकलिंक क्या है)

क्वालिटी बैकलिंक उसे ही कहता है जो आपके नीच(Niche) के रिलेटेड हो। अगर आप ऐसे ब्लॉग पर लिंक ऐड करते हो जिसके ऑथोरिटी अच्छे हो और उसके नीचे आपके niche रिलेटेड हो और वहाँ से dofollow बैकलिंक मिलते हो तो यह आपके ब्लॉग के लिए काफी अच्छे है।

#8.अच्छे वेबसाइट को external लिंक दे: 

External link का मतलब होते है आपके ब्लॉग पर दूसरे वेबसाइट के लिंक ऐड करना। अगर आप आर्टिकल पर किसी अच्छे वेबसाइट को रिफरेन्स के लिए लिंक करते हो तो गूगल इसे बहुत पसंद करते है। 

एक experience में यह भी पाया गया है कि external दिए गए webpage बिना external लिंक दिए वेबसाइट से ऊपर रैंक करता है।

#9.रिलेटेड Internal Link बनाये 

Internal link के मतलब होते ब्लॉग के एक पेज पर दूसरे पेज का लिंक देना। 

जब आप एक आर्टिकल लिखते हो, उस आर्टिकल में ऐसे कीवर्ड आ जाते है जिसके जिक्र आपके ब्लॉग पर पहले से ही है तो आप इसे लिंक कर सकते हो। 

Internal Linking भी काफी हद तक ब्लॉग रैंकिंग में मदत करते है। Even हमने सिर्फ इंटरनल लिंकिंग के मदत से 1 week में कीवर्ड को गूगल पर रैंक किया था। 

सही तरीके का इंटरनल लिंक बैकिलिंक के तरह काम करते है। 

#10. Meta Tag और Meta description का सही इस्तेमाल करें 

Meta tag वेबसाइट का रोबोट डेटा होते है जो वेबसाइट पर visible नही होते। यह सिर्फ सर्च इंजन के लिए लिखे जाते है। सर्च इंजन मेटा टैग के लिखे हुए डेटा से कंटेंट के बारे पता करते है। 

जब आप किसी कीवर्ड को सर्च करते हो तो सर्च रिजल्ट में टाइटल के नीचे meta डेटा दिखाई देते है। हमने मेटा टैग के ऊपर एक आर्टिकल पहले से ही लिखी हुई है जरूर पढ़ें- मेटा टैग क्या है?

#11.Site स्पीड को इनक्रीस करें : 

seo guide site speed

हल ही में गूगल के core update आये है जो speed related है। गूगल अब वैसे वेबसाइट को ज्यादा रैंकिंग देते जिसके स्पीड अच्छे हो। 

आप सर्च कंसोल पर जाकर अपने वेबसाइट पेजेज के स्पीड को चेक कर सकते हो। 

अगर आपके वेबसाइट के स्पीड slow है तो आपको इसे इम्प्रूव करना है।

वेबसाइट को स्पीड बनाने के लिए आप अच्छे होस्टिंग यूज़ करे, इमेज को कंप्रेस करे, CDN का भी प्रोयग कर सकते हो।

#12.SSL सर्टिफिकेट के प्रोयोग करे:

ssl certificate

Ssl सर्टिफिकेट वेबसाइट को सेकरुरिटी प्रदान करते है। आजके समय पर गूगल यूजर को ज्यादा वैल्यू देते है और उन्हें secure वेबसाइट को ही दिखना चाहते है। 

अगर आपके वेबसाइट पर ssl नही है तो जरूर से ऐड करे, क्योंकि यह भी गूगल का एक रैंकिंग फैक्टर है। आप cloudflare cdn के प्रोयोग कर फ्री में ssl ले सकते हो।

#13.FAQ Schema डेटा को ऐड करे: 

Faq ऐड करना भी बहुत जरूरी है। Faq का मतलब होता है आर्टिकल के रिलेटेड सवाल जबाब। और यह भी रैंकिंग में हेल्प करता है। 

अगर आप वर्डप्रेस यूज़ करते हो तो rank math plugin के प्रोयोग से FAQ ऐड कर सकते हो। 

#14. ब्लॉग को अपडेट रखे :

गूगल यूजर को हमेशा फ्रेश डेटा दिखाना चाहते है। इसीलिए आपको अपने ब्लॉग पोस्ट को अपडेट करना है। आप 2 महीने मे एकबार या 3 महीने में ब्लॉग आर्टिकल को जरूर अपडेट करें।

Seo के प्रकार  | Types Of Seo

Basically Seo 3 प्रकार के होते है 

  1. On Page Seo 
  2. Off Page Seo 
  3. Technical Seo 

हालांकि टेक्निकल एसईओ को seo के प्रकार में रखे नही जाते है। 

1.On Page Seo : ऑन पेज एसईओ का मतलब होते है पेज के भीतर रहकर पेज को ऑप्टिमाइज़ करना। यह पोस्ट लिखते समय किया जाता है। On page Seo मे नीचे दिये गए चीज़ों को ऑप्टोमीज़ किया जाता है।

  • Page Title  को अच्छे से लिखना
  • Heading Tag में कीवर्ड प्रोयग
  • सही तरीके से Keyword Placement 
  • Image में alt tag में कीवर्ड ऐड करना
  • Meta tag , Meta description में कीवर्ड एड करना
  • External Link बनाना
  • Internal Link  बनाना
  • Seo friendly Url बनाना

2.Off Page Seo : ऑफ पेज seo यानी पोस्ट पब्लिश होने के बाद पोस्ट के बाहर से जो तकनिक यूज़ करते है। जैसे- सोशल सिग्नल देना, बैकिलिंक बनाना ।

3.Technical Seo : टेक्निकल एसईओ के मतलव है ब्लॉग technical चीज़ों को ऑप्टिमाइज़ करना जैसे कि 

  • वेबसाइट साइट स्पीड 
  • SSL सर्टिफिकेट 
  • ब्लॉग डिज़ाइन 

SEO के फायदे

  • SEO से किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग के SERP Ranking को Improve किया जा सकता है।
  • SEO के जड़िये ब्लॉग पोस्ट को सर्च इंजन रिजल्ट पेज में टॉप पर लाया जा सकता।
  • SEO करके ब्लॉग पर गूगल से organic ट्रैफिक लाया जा सकता है।
  • SEO से ब्लॉग या वेबसाइट के अथॉरिटी को इनक्रीस किया जा सकता है।

आज आपने क्या सीखा

Seo एक छोटी सी विषय नही है कि आप एकबार में सीख जाओगे लेकिन जैसे जैसे आप ब्लॉगिंग करते रहोगे पोस्ट को लिखते रहोगे आपको अपने आप ही सब कुछ आने लगेगा। 

Seo में कोई भी खुद को expert नही कह सकता। गूगल हमेशा से ही अपने algorithm को समय समय मे अपडेट करते रहा आया है। इसीलिए आप यह नही कह सकते कि आप कुछ पोस्ट पड़के या वीडियो देखके seo को पूरा सिख जाओगे और गूगल पर रैंक करने लगेगा।

लेकिन जैसे जैसे आपके एक्सपेरिंस बढ़ते जाएगा आपको ब्लॉग रैंकिंग में improve देखने को मिलेगा। 

Seo पूरी तरह से experince का खेल है। 

तो दोस्तो मुझे उम्मीद है आप समझ पाए होंगे seo कैसे करते,Seo Kaise Kare है। हमने जितने रूल बताया है इसे आप बेसिक भी समझ सकते हो या एडवांस भी। आप इन्ही रूल को इम्पलीमेंट कर जरूर रैंक कर पाओगे।

Q:- SEO का मतलब क्या होता है?

Ans: SEO का मतलब है search Engine Optimization यानि अपने ब्लॉग पोस्ट या वेब पेज को सर्च इंजन के अनुसार ऑप्टिमाइज़ करना ।

Q:- SEO कितने प्रकार के होते है?

Ans: SEO 3 प्रकार के होते है – On Page Seo, Off Page Seo, Technical Seo

Q:- SEO कैसे करे?

Ans: दरअसल seo Experience का खेल है. seo में बहुत सारे rule होते है जिसे फॉलो करना होता है । हमने अपने जीवन के पुरे Experience को पोस्ट पर शेयर किया हूँ । पोस्ट को जरुर से पढ़े।

Suraj Debnath

नमस्कार दोस्तों | मैं सूरज नाथ इस ब्लॉग के संस्थापक और लेखक हूँ | मुझे लिखने में बहुत रूचि है और अभी तक हमने जो कुछ भी सिखा उसी को इस ब्लॉग के माध्यम से आप तक पहुँचाता हूँ | Join Us on- Facebook
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