What is URL in Hindi-यूआरएल क्या है?

URL क्या है(What is url in hindi)? Url कैसे काम करते है और यूआरएल कितने प्रकार के होते है? आज हम इस पोस्ट में इसी के ऊपर बात करेंगे।

आज हमारे जीवन इंटरनेट बिन अधूरा है। इंटरनेट आज इतने जरूरी हो गए कि हर छोटे बड़े जानकारी के लिए हम इंटरनेट के use करते है। आपको जब भी किसी information के बारे जानना हो तो आप इंटरनेट पर सर्च करके उस information को जान लेते हो। लेकिन क्या आपको पता है इंटरनेट पर मौजूद हर एक वेब पेज(जहाँ information मौजूद होते है) कि अपनी ही एक unique address होते है जिसके जड़िये उसे access कर सकते है। Web pages के इन्ही address को ही URL के नाम से जाने जाते है।

url kya hai

URL उसे ही कहते है जो किसी वेबपेज पर क्लिक करने के बाद टॉप पर दिखाई देते है। मान लो आपको अपनी दोस्तो को कोई यूट्यूब वीडियो को शेयर करना है तो ऐसे आप उस वीडियो की लिंक को कॉपी कर अपने दोस्तों को whatsapp के माध्यम से शेयर कर देते हो। यह लिंक उस वीडियो के permanent address है। इसी लिंक को ही उस वीडियो के url कहाँ जाएगा।  अगर आपको url के बारे में पूरी जानकारी चाहिए तो पोस्ट को पढ़ते रहे। नीचे आपको बताया गया है यूआरएल क्या है, Url full form और यूआरएल से अन्य जुड़ी जानकारी

URL का full form क्या है?

url full form

यूआरएल का फुल फॉर्म है Uniform Resource Locators. ये इंटरनेट पर मौजूद वेबपेज, वीडियो या कोई भी documents की address होते है जिसके द्वारा उस particular document या file को access किया जा सकता है। जैसे कि आपने सर्च किया “https://hindimeseekhe.com/url-kya-hota-hai/ और आप इस पेज पर पहुँच जाते हो।

यूआरएल क्या है- What is Url in hindi?

हम सब लोगों की घर की एक एड्रेस होते है जिसके जड़िये लोग हम तक पहुंच पाता है। ठीक उसी प्रकार इंटरनेट में मौजूद चीज़ों का भी एक एड्रेस होते है जिसके जड़िये उसे access या देखा जाता हैं। और इसी एड्रेस को ही URL कहाँ जाता है। इंटरनेट पर मौजूद हर एक पेजेस के यूआरएल अलग अलग होते है।

URL को web address के नाम से भी जाने जाते है। URL को Tim Berners-Lee और उसके टीम द्वारा साल 1994 में विकसित किया गया था। 

URL को ही लोग ब्राउज़र पर सर्च करके किसी वेबसाइट पर जा पाते है। 

यह URL मुख्यतः तीन चीज़ों से मिलकर बनते है। 

  • Protocol 
  • Domain Name
  • File or Resource Location
url kya hai

URL Structure

एक यूआरएल को .dot syntax से जुड़ा जाता है। 

  • Protocol(Http): URL में http का प्रयोग protocol के तौर पर होते है। Http का पूरा नाम hypertext transfer protocol होते है। Protocol का काम ब्राउज़र और सर्वर के बीच डेटा transfer का होता है। 
  • Separator(://): यह एक विशेष तरह के syntax होते है जो url में separator के काम करते है। 
  • Subdomain (www): Url में www  subdomain होते है। तकनीकी रूप से इसके कोई जरूरत नही होते। 
  • Domain Name: ये किसी भी वेबसाइट की नाम होते है जिससे ब्राउज़र उस वेबसाइट को ढूंढते है। 
  • Path/File: यह web page की file के location होते है। 

HTTP और HTTPS के अंतर क्या है?

HTTP के पूरा नाम hypertext transfer protocol है जबकी https का फूल form  hypertext transfer protocol secure है। यू तो दोनों ही ब्राउज़र और सर्वर के बीच डेटा टांसफर के लिए use होते है। लेकिन दोनों में ही थोड़े अंतर होते है। 

HTTP के जड़िये जो डेटा transfer होते है, वो secure नही होते जिससे डेटा हैक या चोरी होने की संभावना रहते है। लेकिन https डेटा transfer को secure बनाते है जिससे डेटा चोरी नही होते है। आज ज्यादातर वेबसाइट https के ही use करते है।

Types of Url 

URL दो प्रकार के होते है 

  • Absolute Url
  • Relative Url 

Absolute Url यूआरएल के पूरे हिस्से को दर्शाते हैं। अब जब ब्राउज़र पर कोई भी वेब पेज access करते है तो उस पेज की URL पूरे हिस्से को देख पाते हो। अगर इनमे से कोई भी हिस्सा नही टाइप करोगे तो आप उस वेब पेज को एक्सेस नही कर पाओगे।

उदाहरण के लिए इस url को देख सकते हो। 

https://hindimeseekhe.com/cdpo-full-form/

इनमे से आगर कोई भी हिस्सा हटा दी तो इस यूआरएल के वेब पेज ओपन नही होगा। 

लेकिन relative url में ऐसा नही होता। Relative url absoulate url को छोटा करते है। यह ज्यादातर web server या web page के अंदर use किया जाता है जिससे एक पेज से दूसरे पेज को जोड़ते है। उदाहरण के लिए ये देख सकते हो। 

<a href=”/cdpo-full-form/“>

URL Shortener क्या है?

Url shortener एक तरह के टूल होते है जो बड़े और जटिल यूआरएल को छोटे यूआरएल में convert कर देते है जिससे याद रखना आसान हो जाता है। जैसे goo.gl, bitly, tinyurl के जड़िये आप किसी भी यूआरएल को short कर सकते हो और उन यूआरएल को आप अपने दोस्तो के साथ शेयर भी कर पाते है। 

Short url पर लोग क्लिक करने से यह छोटा url absolute url पर redirect हो जाते है। उदाहरण के लिए twitter के short url t.co है।

Url के इतिहास-History of url

यूआरएल के खोज साल 1994 में Tim Berners-Lee और उसके टीम द्वारा किया गया था। Www वर्ल्ड वाइड वेब के बाद ये tim berners lee का दूसरा खोज था। Html को बनाने के बाद standard language को इस्तेमाल करके world wide web में बहुत सारे पेजेज बनाया गया और उसके साथ hyperlink. उसके बाद उन दोनों को आपस मे जुड़ा गया जिससे इंटरनेट के दुनिया ओर भी बड़ा होता गया। 

URL काम कैसे करते है?

URL किसी भी वेबपेज के एड्रेस होते है जिसके जड़िये उसे एक्सेस किया जाता है। जब यूआरएल को ब्राउज़र पर टाइप किया जाता है, Browser इन यूआरएल को domain के ip में बदल देता है। इंटरनेट पर मौजूद हर एक वेबसाइट के ip address होते है जो numeric होते है। ये ip address के जड़िये ही उस वेबसाइट को access किया जा सकता है। 

हमारे ब्राउज़र किसी भी यूआरएल को DNS के मदत से domain ip में convert कर देते है और जब यूआरएल को ब्राउज़र पर टाइप किया जाता है, ब्राउज़र उस यूआरएल के ip तक पहुंचता है और फिर उस वेब पेज को दिखाते है। शुरुआत समय मे किसी भी वेबसाइट को access करने के लिए उसके ip address को सर्च करने पड़ता था। लेकिन ip address बहुत नंबर को जोड़कर बनते है। जिसे याद रखना काफी मुश्किल होते थे। इसलिए बाद में यूआरएल बनाया गया जो DNS के मदत से यूआरएल को ip में बदलकर किसी भी पेज की access करवाते है।

Conclusion: Url kya hai

मुझे आशा है इस पोस्ट के माध्यम से यूआरएल के सारी जानकारी आप तक पहुंचा पाया हूँ। अगर आपको लगता है कि url kya hai(What is url in hindi) यह आर्टिकल आपको यूआरएल के बारे में जानने में काम आए हो तो हमारे यह आर्टिकल अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर जरूर शेयर करें ताकि मेरे भी थोड़े मदत हो सके। 

आपने हमारे आर्टिकल को यहाँ तक पड़े हो इसके लिए हम आपको दिल से धन्यवाद करता हूँ। भगवान आपको और आपकी परिवार को लंबे उम्र दे। 

3 thoughts on “What is URL in Hindi-यूआरएल क्या है?”

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