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व्यंजन किसे कहते हैं? | व्यंजन के कितने भेद होते हैं?

    अगर आपके मन में भी हिंदी भाषा के बारे में ज्ञान रखने की इच्छा बनी रहती है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं, यहां पर आपको हिंदी भाषा के व्याकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां जानने को मिलेगी।

    आज के इस लेख में हम बात करने वाले हैं कि व्यंजन किसे कहते हैं? तथा व्यंजन के कितने भेद होते हैं?

    इसके अलावा हम आपको व्यंजन से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे: व्यंजन का उच्चारण किसकी सहायता से किया जाता है?, प्रदान करेंगे। इसलिए हम आपसे निवेदन करते हैं कि आप इस लेख को ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़ें।

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    व्यंजन किसे कहते हैं?

    vyanjan kya hai व्यंजन किसे कहते हैं

    जिन वर्णों का उच्चारण स्वतंत्र रूप से ना होकर स्वरों की सहायता से होता है, उन्हें व्यंजन कहते हैं। अर्थात व्यंजन का उच्चारण करने के लिए अन्य वर्णों की सहायता ली जाती है।

    प्रत्येक व्यंजन वर्ण का उच्चारण करते समय ‘अ’ की ध्वनि उच्चरित होती है, जो छिपी रहती है। इसके अभाव में व्यंजन का उच्चारण संभव नहीं है। जैसे क् + अ = ‘क’  , ज् + अ = ‘ज आदि’। इसलिए स्वर की सहायता के बिना व्यंजन का उच्चारण करना कठिन है।

    Note: व्यंजन का उच्चारण करते समय हमारे मुख के भीतर हवा किसी न किसी अंग के द्वारा रुकती है। इसलिए जब हम व्यंजन का उच्चारण करते हैं, तो हमारी जीभ का मुख के ऊपरी हिस्से से रगड़ने के कारण उष्ण हवा बाहर आती है।

    हिंदी में कुल कितने व्यंजन होते हैं?

    वैसे तो हिंदी भाषा में व्यंजनों के मूल वर्णों की संख्या 33 होती है, लेकिन 2 द्विगुण व्यंजन (ड़ और ढ) और 4 संयुक्त व्यंजन (क्ष, त्र, ज्ञ, श्र) को मिलाकर व्यंजनों की संख्या 39 हो जाती है।

    उष्म / संघर्षी व्यंजन

    उष्म / संघर्षी व्यंजन

    हिंदी भाषा में मुख्य रूप से व्यंजन 3 प्रकार के होते हैं-

    1. स्पर्शी व्यंजन
    2. अन्तःस्थ व्यंजन
    3. उष्म / संघर्षी व्यंजन

    इनके अलावां भी दो और प्रकार के व्यंजन होते हैं।

    1. संयुक्त व्यंजन
    2. द्विगुण / उत्क्षिप्त व्यंजन

    स्पर्श व्यंजन किसे कहते हैं?

    जिन व्यंजनों के उच्चारण में वायु, मुख के किसी विशेष स्थान जैसे (कंठ, तालु, मूर्धा, दांत, ओष्ठ) आदि को स्पर्श करके बाहर आती है, उन्हें स्पर्श व्यंजन कहा जाता है।

    Note: क से म तक के वर्ण स्पर्श व्यंजनों की की श्रेणी में आते हैं, और इनकी संख्या 25 होती है। स्पर्श व्यंजनों को 5 वर्गों में बाँटा गया है।

                 वर्ग          व्यंजन        उच्चारण स्थान

    1. क वर्ग-     क ख ग घ ङ      (कंठ)
    2. च वर्ग-     च छ ज झ ञ      (तालु)
    3. ट वर्ग-      ट ठ ड ढ ण        (मूर्धा)
    4. त वर्ग-      त थ द ध न        (दांत)
    5. प वर्ग –     प फ ब भ म       (होठ)

    अंतस्थ व्यंजन किसे कहते हैं?

    अंतस्थ व्यंजन का उच्चारण कंठ से होता है। यह दो शब्दों अन्तः + स्थ से मिलकर बना है। जिसमें अंतः का अर्थ- ” बीच में ”  तथा स्थ का अर्थ ” रहने वाला ” होता है।

    इस प्रकार अंतस्थ व्यंजनों के उच्चारण में जीभ, मुख के विभिन्न भागों को पूरी तरह से स्पर्श नहीं करती है, अर्थात आधा स्पर्श करती है।

    अन्तःस्थ व्यंजन की कुल संख्या 4 है – य् र् ल् व् ।

    ऊष्म व्यंजन किसे कहते हैं?

    ऊष्म व्यंजन के उच्चारण में वायु मुख के विभिन्न भागों से घर्षण करती है या टकराती है। इस घर्षण के कारण सांस गर्म हो जाती है, इसलिए इन व्यंजनों को ऊष्म व्यंजन कहा जाता है।

    ऊष्म व्यंजन की कुल संख्या 4 है – श् ष् स् ह्।

    संयुक्त व्यंजन किसे कहते हैं?

    दो अलग-अलग व्यंजनों के योग से बनने वाले व्यंजनों को संयुक्त व्यंजन कहते हैं। जैसे: ‌‌क् + ष = क्ष

    इनकी संख्या 4 होती है। जैसे-क्ष, त्र, ज्ञ, श्र

    द्विगुण / उत्क्षिप्त व्यंजन किसे कहते हैं?

    जिन व्यंजनों के उच्चारण में जीभ ऊपर की ओर उठ कर मूर्धा को स्पर्श करके तुरंत नीचे आ जाती है, ऐसे व्यंजन द्विगुण / उत्क्षिप्त व्यंजन कहलाते हैं।

    ये दो प्रकार के होते हैं, जैसे: ड़ और ढ

    द्वित्व व्यंजन या व्यंजन गुच्छ किसे कहते हैं?

    जब किसी शब्द में दो समान व्यंजन एक साथ आ जाते हैं, तू ऐसी स्थिति में वह द्वित्व व्यंजन या व्यंजन कहलाता है।

    जैसे: दिल्ली, सच्चा, पक्का आदि।

    Note: क् ,च्, ट्, त्, प्, वर्ग के दूसरे व चौथे वर्ण का द्वित्व नहीं होता है। अर्थात् ख के साथ ख्, घ के साथ घ्, छ के साथ छ् आदि का प्रयोग नहीं होता है।

    व्यंजन किसे कहते हैं – लेख आपको कैसा लगा?

    हम आशा करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ” व्यंजन किसे कहते हैं? ” पसंद आया होगा। और हमें पूरा विश्वास है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपको आपके सवालों का जवाब मिल गया होगा।

    अगर आपके मन में इस लेख से संबंधित किसी प्रकार का सवाल है या आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो इसके लिए उसे आप हमसे कमेंट सेक्शन के द्वारा साझा कर सकते हैं।

    अगर आपको यह लेख पसंद आया है तो कृपया हमारे इस लेख को अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें, जिससे व्यंजन के बारे में ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंच सके।

    सवाल – जबाब

    व्यंजन किसे कहते हैं?

    जिन वर्णों का उच्चारण स्वतंत्र रूप से ना होकर स्वरों की सहायता से होता है, उन्हें व्यंजन कहते हैं।

    द्वित्व व्यंजन या व्यंजन गुच्छ किसे कहते हैं?

    जब किसी शब्द में दो समान व्यंजन एक साथ आ जाते हैं, तू ऐसी स्थिति में वह द्वित्व व्यंजन या व्यंजन कहलाता है।

    हिंदी में कुल कितने व्यंजन होते हैं?

    हिंदी में कुल 39 व्यंजन होते हैं

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    Suraj Debnath

    असम के निवासी सूरज देबनाथ इस ब्लॉग के संस्थापक है। इन्होने विज्ञान शाखा में स्नातक किया हुआ है। इन्हें शेयर मार्किट, टेक्नोलॉजी, ब्लोगिंग ,पैसे कमाए जैसे विषयों का काफी अनुभव है और इन विषयों पर आर्टिकल लिखते आये है। Join Him On Instagram- Click Here

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